अफसरों की तबादला सूची
शासन ने ४८ घंटे के अंदर छह दर्जन से अधिक आईएएस और पांच दर्जन से अधिक पीपीएस अधिकारियों के तबादले किये। आईएएस अधिकारियों में अधिकतर जनपदों के जिलाधिकारी हटाए गए। कुछ को चार्ज मिला कुछ साइड हो गये। जिनके हटने की उम्मीद थी वो अभी अगली सूची का इंतजार कर रहे हैं। दरअसल, इस बार जो सूची जारी हुई है उसमें कुछ नाम ऐसे हैं जिनको देखकर लगता है कि ठीक-ठाक सिफारिश वाले भी सही जगह पा गये हैं। ऐसे अधिकारियों को भी पोस्टिंग मिल गई है जिनकी शिकायतें थी जो जनता और नेताओं की नहीं सुनते थे उनको भी अच्छी पोस्टिंग मिल गई। वहीं कुछ ऐसे अधिकारी भी हैं जिनका अपने जिले में बहुत अच्छा काम था। जनता में बहुत अच्छी छवि थी। उदाहरण के तौर पर डीएम हापुड़ के तबादले से सब लोग हैरान हैं। क्योंकि उनको अभी कम ही समय हुआ था और उनकी कार्यप्रणाली से हापुड़ की जनता बहुत खुश थी। यही कारण है कि उनके तबादले के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी राय रखी है। डीएम हापुड़ की कार्यप्रणाली को लेकर सत्ता पक्ष ही नहीं बल्कि विपक्ष के लोग भी सराहना करते हैं। आम आदमी भी उन तक पहुंचता था, ईमानदार छवि थी, लेकिन सबकुछ धरा रह गया। जिले से रातोरात हटा दिये गये। कोई ठीक-ठाक पोस्टिंग भी नहीं मिली। ना ही किसी जनपद के डीएम बने। ऐसी जगह भेज दिये गये जहां पर कुछ भी नहीं है। अब अगर इस तरह से ही तबादले होंगे तो फिर अधिकारी क्यों काम करेगा। जनता की क्यों सुनेगा। इस लिस्ट में ऐसे लोगों को अच्छी पोस्टिंग मिली है जिनकी लगातार शिकायतें थी कि वो लोगों से नहीं मिलते हैं। नेतागण भी उनसे नाराज थे। बहरहाल इस तबादला सूची के बाद अफसरों में इस बात की चर्चा चल रही है कि अच्छे काम का बदला मिलना अब दूर की बात हो गई है। जय हिंद