गाजियाबाद (युग करवट)। गत शनिवार की सुबह के समय हुए गनौली निवासी ओमकार नामक दूधिया के अपहरण एवं हत्या के प्रयास की सनसनीखेज वारदात का खुलासा यूं तो कमिश्नरेट पुलिस घटना के चार दिन बाद भी नहीं कर पाई है लेकिन पुलिस न स्थानीय लोगों में हो रही चर्चा से जो बात छनकर आ रही है उससे यह लग रहा है कि इस वारदात के पीछे गत वर्ष ७ जून को हुई गनौली निवासी अंकुर नामक युवक की हत्या और कुछ समय पूर्व हुए पंचायत में मृतक अंकुर के भाई गोपाल को ओमकार द्वारा चांटना मारना तो नहीं। इसके अलावा क्षेत्र में चल रही चर्चा में यह बात भी सामने आ रही है कि जिस समय अंकुर की हत्या हुई उस समय उक्त मर्डर का बदला लिये जाने की बात भी सुनी गई थी। ओमकार का अपहरण क्यों किया गया आदि सवालों का जवाब तो इस वारदात के खुलासे और अपहृत दुग्ध कारोबारी की बरामदगी के बाद ही चल पायेगा। लेकिन हाल फिलहाल तो कमिश्नरेट पुलिस फुल टेंशन में दिखाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस की एक दर्जन से अधिक टीम जहां गाजियाबाद व बागपत समेत कई जनपदों में स्थित नहर, नदी व नालों के गहरे पानी को छान रही है वहीं अभी तक सैंकड़ों सीसीटीवी कैमरों खंगाल चुकी है। इस वारदात के खुलासे की मॉनिटरिंग खुद पुलिस आयुक्त जे रविंदर गौड कर रहे हैं। श्री गौड इस वारदात की गुत्थी सुलझाने के लिये कितने सजग हैं इसका जीता जागता प्रमाण उस समय मिल गया कि जब वह पुलिस की कवायद को देखने के लिये लोनी पहुंच गये।