भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का गाजियाबाद में आगमन
गाजियाबाद (युग करवट)। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी कल गाजियाबाद आये। उनका प्रोग्राम एक दिन पहले तय हो गया था। पंकज चौधरी को श्री कृष्ण जन्माष्टïमी के अवसर पर इस्कॉन मंदिर में आना था। उनका कार्यक्रम दो बजे का था लेकिन वो दो घंटे देरी से इस्कॉन मंदिर पहुंचे। इस दौरान अपने प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत के लिए तीन घंटे तक यूपी के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, मुरादनगर विधायक अजित पाल त्यागी, शहर विधायक संजीव शर्मा, पूर्व मेयर अशु वर्मा, भाजपा के नवनियुक्त क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मान सिंह गोस्वामी, क्षेत्रीय महामंत्री अशोक मोंगा, भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं कई जिम्मेदारियां संभाले तरुण शर्मा, भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अजय शर्मा सहित कई बड़े पदाधिकारी काफी समय पहले ही इस्कॉन मंदिर पहुंच गये। इस्कॉन मंदिर क्षेत्रीय पार्षद प्रवीण चौधरी ने पूरी व्यवस्था स्वागत की कर रखी थी अलग इंतजाम था। जाहिर है मंदिर परिसर में अनुशासन रहना जरूरी था। ये कोई पार्टी का कार्यक्रम नहीं था, ना ही कोई स्वागत समारोह पार्टी की ओर से रखा गया था। लेकिन यहां पर प्रदेश अध्यक्ष के आने से पहले कार्यकर्ताओं की लंबी भीड़ आ गई और बड़ी संख्या में लोग जो पूजा-अर्चना के लिए लाइन में लगे थे उनको परेशानी होने लगी लेकिन किसी ने इसकी परवाह नहीं की ऐसा लग रहा था कि जैसे ये इस्कॉन मंदिर नहीं जैसे पार्टी का कार्यालय हो। ठीक है हर कार्यकर्ता और पदाधिकारी चाहता है कि वो अपने नेता का स्वागत करे लेकिन स्वागत के अलग स्थान होते हैं। मंदिर में तो केवल पूजा-अर्चना के लिए ही लोग आते हैं वहां अगर स्वागत के लिए धक्का-मुक्की हो जाए तो लोगों में फिर अच्छा संकेत नहीं जाता। बड़ी संख्या में भक्त लाइन में लगे थे उनमें अच्छा संदेश नहीं गया। भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल बराबर व्यवस्था को संभालने में लगे रहे। उनका प्रयास था कि लाइन में लगे किसी भी भक्त को कोई परेशानी ना हो और वो बार-बार कार्यकर्ताओं से अपील कर रहे थे कि यहां स्वागत ना करें, भीड़ ना लगाये। इस्कॉन मंदिर के दूसरे कमरे में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की मीडिया से बात रख दी जबकि यहां पर कोई ऐसी जरूरत नहीं थी। प्रदेश अध्यक्ष किसी अन्य स्थान पर भी बात कर सकते थे। इस्कॉन मंदिर के प्रेसिडेंट आदिकर्ता प्रभु ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसा माहौल नहीं देखा। वो खुद स्वागत के लिए खड़े लेकिन जो कार्यकर्ताओं की भीड़ आयी थी तो भीड़ ने उनको भी साइड कर दिया। एक विधायक भी गिरते-गिरते बचे। कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा भी भीड़ में फंसते नजर आये और जब प्रदेश अध्यक्ष मीडिया से बात कर रहे थे तब तक वो वहां नहीं पहुंच पाये। इतना ही नहीं क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में खड़े नजर आये। इस तरह की व्यवस्था से अच्छा संदेश नहीं जाता है।