वक्त के हिसाब से बदल रहे हैं सब
देश की राजनीति में बहुत कुछ बदलाव हो गया। दो दशकों से मीडिया में भी बदलाव आया है, वो भी अब चुनाव में पैकेज की बात करता है। वहीं लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया पर भी अब पिछले १२ वर्षों से तरह-तरह के आरोप लगने लगे हैं। जिस मीडिया पर लोग अंधा भरोसा करते थे अब उसका नाम गोदी मीडिया हो गया है। नि:संदेह मीडिया में गिरावट तो आयी ही है और अब मीडिया में जब से बड़े धनकुबेरों की एंट्री हुई तब से सबकुछ बदल गया है। अब श्रमजीवी पत्रकार खबर नहीं लिखता बल्कि उद्योग घराने से जो स्क्रिप्ट आयेगी वही खबर बनती है। हालांकि आज भी कुछ ऐसे जरूर हैं जिन्होंने अपने उसूलों से समझौता नहीं किया और उन्होंने नौकरी छोडक़र वह अपनी बात यू-टयूब के सहारे जनता तक पहुंचा रहे हैं। अब एक नया टें्रड और देखा गया है कि ज्योतिष भी हालांकि सभी नहीं कुछ ऐसे हैं वो भी अब इस तरह की भविष्यवाणी कर रहे हैं जैसे वो कहीं ना कहीं मैनेज हों। कई ऐसे ज्योतिषयों को सोशल मीडिया पर देखा जो सीधा जो तुमको हो पसंद वही बात कहेंगे पर चल रहे हैं। अधिकतर ज्योतिष प्रधानमंत्री को लेकर लगातार भविष्यवाणी कर रहे हैं। उनका कहना है कि 2029 और 2034 में भी नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री रहेंगे। इतना ही नहीं कुछ ज्योतिष कह रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रचंड बहुमत के साथ देश के प्रधानमंत्री बनेंगे और वो लगातार 25 साल तक इस पद पर रहेंगे। कुछ कह रहे हैं कि २०२७ में योगी आदित्यनाथ तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। कुछ कह रहे हैं कि अबकी बार अखिलेश यादव। सवाल ये पैदा होता है कि प्रधानमंत्री मोदी को बना रहे हैं, कुछ योगी जी को बना रहे हैं तो किस पर भरोसा करें। सितारों के खेल में भी अब लोगों को उलझा दिया है। अब यहां भी सबकुछ मैनेज ही हो रहा है। कुछ भी हो आज किसी चीज पर भरोसा करना बहुत ही मुश्किल हो गया है और जब से एआई आया है तब से तो स्थिति और भयंकर हो गई है। वीडियो देखकर ये लगता ही नहीं कि ये असली है या एआई से बनाई गई है और आने वाले वक्त में इंसान और उलझेगा इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता। आखिरकार समाज कहां जा रहा है। किस पर भरोसा करें किस पर नहीं करें कुछ समझ में नहीं आता। शायद ये बात कभी किसी ने सोची भी नहीं होगी कि एआई आपके व्यक्तिगत जीवन में भी दखल कर सकता है। अगर ये कहा जाए कि ये भी एक तरह का शैतान है तो गलत नहीं है। बहरहाल, इस दौर में अब कौन किसके साथ है, कौन किसकी बोली बोल रहा है ये पता लगाना आसान नहीं है लेकिन फिर भी समाज में रहना और भरोसा भी करना है। जय हिंद