कैसे होगी पीयूसी जांच, कल से बिना पीयूसी नहीं मिलेगा वाहनों को पेट्रोल-डीजल
नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। एक अक्टूबर से जिले में बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसी) के वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। लेकिन जिले में संचालित 124 पेट्रोल पम्प में से महज दो पर ही पीयूसी जांच के लिए एनपीआर कैमरा अब तक लग पाए हैं। ऐसे में वाहनों के पास पीयूसी है या नहीं इसकी जांच करना आसान नहीं होगा। जिला प्रशासन द्वारा लगातार इस बात की अपील पेट्रोल पम्प संचालकों से की जा रही है कि वह जांच के लिए एनपीआर कैमरा लगवा लें जिससे अभियान को सफल बनाया जा सके।
जिले में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए सिर्फ उन्हीं वाहनों को पेट्रोल-डीजल दिए जाने की अनुमति एक अक्टूबर से दी जाएगी जिनके पास पीयूसी होगा। लेकिन पेट्रोल पम्प संचालकों के पास अभी तक वाहनों का पीयूसी जांचने के लिए एनपीआर कैमरा ही उपलब्ध नहीं है। यह आलम तब है जब पिछले एक महीने से जिला प्रशासन द्वारा वाहन चालकों से जहां पीयूसी कराने और पेट्रोप पम्प संचालकों से कैमरे लगाए जाने की अपील की जा रही है। जिला आपूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि जिले में वर्तमान में 124 पेट्रोल पम्प संचालित हैं जिसमें से अभी तक रिलायंस पेट्रोल पम्प मेरठ रोड और वेब सिटी स्थित पेट्रोल पम्प पर ही एनपीआर कैमरे लगे हैं। उन्होंने बताया कि पीयूसी जांचने के लिए पम्प संचालकों व कर्मियों के मोबाइल में ऐप डाउनलोड कराए जा रहे हैं जिससे वाहन का नम्बर स्कैन करते ही उसका पीयूसी की जानकारी मिल सकेगी,तभी वाहन में पेट्रोल भरा जाएगा। रही बात एनपीआर कैमरों की तो उसको लेकर पेट्रोल पम्प संचालकों के साथ वार्ता चल रही है, जल्द ही सभी जगह यह कैमरे लगाए जाएंगे जिससे वाहन को तत्काल कैमरे के जरिए स्कैन किया जा सकेगा। कल से विभाग द्वारा पेट्रोल पम्पों पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। जानकारी के अनुसार इन कैमरों को लगाने का खर्च करीब डेढ लाख रूपए बैठता है। जिसकी वजह से पम्प संचालक इन्हें लगवाने से कतरा रहे हैं। पम्प संचालकों ने कैमरों का खर्च शासन स्तर से दिलाए जाने की मांग भी रखी थी, एक पेट्रोल पम्प पर तीन कैमरे लगाए जाने हैं ऐसे में करीब साढ़े चार लाख रूपए का खर्च पेट्रोल पम्प संचालक उठाने को तैयार नहीं है।