नई दिल्ली (युग करवट)। पश्चिम बंगाल चुनाव हारने के बाद से एक के बाद एक झटके ममता बनर्जी को लगते जा रहे हैं। पार्टी की राजरूसभा सांसद सुष्मिता देव ने इस्तीफा दे दिया है। जबकि सयानी घोष ने स्पीकर को पत्र लिखकर एनडीए का समर्थन किया है। सुष्मिता देव के इस्तीफे ने इस संकट को और गंभीर बना दिया है।
इससे पहले तृणमूल के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में लंबे समय तक पार्टी के मुख्य सचेतक रहे सुखेंदु शेखर रॉय भी पार्टी छोड़ चुके हैं। लगातार हो रहे इस्तीफों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि तृणमूल कांग्रेस के अंदर असंतोष तेजी से बढ़ रहा है। टीएमसी के 20 बागी सांसदों में सयानी घोष भी शामिल हैं, जिन्होंने स्पीकर को पत्र लिखकर अलग बैठने और एनडीए को समर्थन करने का ऐलान किया है। जिसमें सयानी घोष का नाम भी शामिल है।
स्पीकर ओम बिरला को लिखे पत्र में सयानी घोष ने भी हस्ताक्षर किए हैं। सयानी घोष ममता बनर्जी की बहुत ही खास सांसद थीं। विधानसभा चुनाव में इन्होंने भाजपा के खिलाफ जबरदस्त अभियान चलाया था और ऐसा लगता था मानो जैसे भाजपा से उनकी कोई निजी दुश्मनी हो। वक्त बदलते ही अब वो भी बदलने लगी है और हो सकता है आने वाले वक्त में वो कहीं और दिखाई दे।