मोदी जी का १२ साल का कार्यकाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री के तौर पर १२ साल का कार्यकाल पूरा हो गया। हालांकि इसे पंडित नेहरू का कार्यकाल पार करने की बात कही जा रही है लेकिन अगर गौर की जाए कि पंडित नेहरू का कार्यकाल बहुत कम था। उन्होंने पहला चुनाव १९५२ में लड़ा था। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खाते में बहुत सी उपलब्धियां 12 साल में दर्ज हुई जो किसी भी प्रधानमंत्री के खाते में दर्ज नहीं है। प्रधानमंत्री का साहस और उनके फैसले आने वाली पीढ़ी भी याद रखेगी। २०१४ में प्रधानमंत्री बनने के बाद जिस तरह के फैसले लिये वो सभी के सामने हैं। २०१६ में नोटबंदी करने का फैसला भी मोदी जी ही जैसा व्यक्तित्व ले सकता था जो लिया। नोटबंदी पर पूरे देश में विपक्ष ने हाहाकार भी मचाया, लोग लाइनों में भी लगे, विपक्ष को बड़ा मुद्दा भी मिला लेकिन देश मोदी के साथ खड़ा रहा है और २०१९ में फिर एक बार मोदी सरकार बन गई। जम्मू कश्मीर में धारा-३७० हटाकर मोदी ने इतिहास रचा। इतना ही नहीं अब भारत बदल रहा है और घर में घुसकर मारता है इसका भी अहसास सर्जिकल स्ट्राइक से कराया। २०१४ में कांगे्रस मुक्त का नारा देकर सत्ता में आयी भाजपा अपने मिशन में काफी हद तक कामयाब रही। ये सबकुछ केवल और केवल मोदी है तो मुमकिन है के नारे से ही पूरा हुआ। आज भी देश मोदी जी के चेहरे पर ही भाजपा को वोट कर रहा है। जितने पुराने दिग्गज भाजपा के बड़े नेता थे उनको भी हाशिए में लगाने का साहस केवल मोदी जी के ही अंदर था और वो करके दिखाया। भारत की साख दुनिया में बढ़ी इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता। आज भारत आंख में आंख मिलाकर बात करता है। हालांकि चीन के बाद अब नेपाल भी भारत की जमीन पर कब्जे की बात कर रहा है लेकिन मोदी के साहस के आगे ये सब भी नतमस्तक है। बहरहाल, २०१४ से नरेंद्र दामोदर दास मोदी नाम लेकर जो शपथ ली थी और देश के अंदर जो जोश भरा था वो आज भी कायम है। गैस सिलेंडर की कीमत भले ही चार सौ से ११ सौ हो गई हो, पेट्रोल भले ही १० रुपए महंगा हो गया हो लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने १२ साल के कार्यकाल में देश के अंदर राष्टï्रभक्ति का जज्बा पैदा किया है वो अब तक किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया। आज दुनिया केवल और केवल भारत में नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही भरोसा करती है। १२ साल के सफल कार्यकाल का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई और इस उम्मीद के साथ कि अब देश में चलने वाली करेंसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोटो आ जाए। क्योंकि महात्मा गांधी का दौर चला गया लेकिन आज वो नोटों पर है इसलिए कल भी लोग गांधी जी को याद करते थे और आज गांधी के सहारे अपना काम करते हैं। १२ साल की उपलब्धियां बहुत है जिन्हें गिनाया नहीं जा सकता।
जय हिंद