बिगड़ी व्यवस्था को संभालने के लिए
भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश में जमीन मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने वाले और फिर उड़ीसा में भाजपा को मजबूत करने वाले एवं पश्चिमी बंगाल में पर्दे के पीछे रहकर जमीनी तौर पर भाजपा को जीत दिलाने वाले चाणक्य अब उत्तर प्रदेश में फिर वापसी करने वाले हैं। ये चाणक्य हैं संगठन महामंत्री सुनील बंसल। उत्तर प्रदेश में भाजपा की जो स्थिति है वो ठीक नहीं है ये सभी को जगजाहिर है। उत्तर प्रदेश में संगठन और सरकार के बीच में जो तनातनी है, कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है ये सभी के सामने है। सुनील बंसल के यूपी से जाने के बाद कार्यकर्ता अपने आप को असाहय समझने लगे हैं। यही कारण है कि लोकसभा चुनाव में कार्यकर्ता बूथों पर नहीं पहुंचा है और उत्तर प्रदेश में भाजपा 62 से 32 पर आ गई। यही सुनील बंसल थे जिनके नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया और प्रचंड बहुमत उत्तर प्रदेश में मिला। अब दिल्ली वालों को भी ये अहसास हो गया है कि उत्तर प्रदेश को अगर सही करना है तो सुनील बंसल को वापस लाना पड़ेगा। हमेशा सुर्खियों से दूर रहने वाले सुनील बंसल ने जिस तरह पश्चिमी बंगाल में काम किया वहां की मीडिया में सुनील बंसल गेमचेंजर के नाम से छप रहे हैं। ये भी लिखा जा रहा है कि सुनील बंसल की रणनीति में ममता बनर्जी फंस गई। अब ऐसे चाणक्य को यूपी में लाना दिल्ली वालों के लिए जरूरी हो गया है। हालांकि योगी आदित्यनाथ और सुनील बंसल के बीच रिश्ते ठीक नहीं है। आपको ये भी याद होगा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली जाकर कहा था कि या तो सुनील बंसल यूपी में रहे या वो हट जाते हैं। इस तरह के रिश्तों के बीच अब सुनील बंसल की वापसी की चर्चाएं जरूर कहीं ना कहीं खलबली मचा रही है। सूत्रों पर भरोसा करें तो दिल्ली वाले मन बना चुके हैं कि यूपी में चाणक्य की वापसी की जाए ताकि कार्यकर्ताओं में भी उत्साह पैदा हो और दस साल की एंटी इनकमबेंसी को भी रोका जाए। क्योंकि ये कला सुनील बंसल में ही है कि वो पर्दे के पीछे रहकर ऐसी रणनीति बनाते हैं कि जिससे सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे। सुनील बंसल की वापसी से कार्यकर्ताओं में उत्साह पैदा होगा। वहीं गाजियाबाद के कई बड़े नेताओं से सुनील बंसल से बहुत अच्छे रिश्ते हैं। भले ही वो यूपी से चले गये हो लेकिन कई चुनावों में गाजियाबाद के लोगों को टिकट दिलाने में सुनील बंसल की भूमिका अहम रही है। अब देखना है कि इन चाणक्य की वापसी होगी या फिर इनको रोकने के लिए कोई लॉबी दिल्ली पर दबाव डालेगी। जय हिंद