गाजियाबाद (युग करवट)। इस शहर के व्यापारी और उद्योगपति हमेशा अच्छे काम के लिए आगे रहते हैं। अगर देश में भी कहीं कोई त्रासदी होती है तो गाजियाबाद के व्यापारी और उद्योगपति कांधे से कांधा मिलाकर साथ खड़े होते हैं। विकास के मामले में भी हमेशा पुलिस प्रशासन के साथ सहयोग करते हैं। दो दिन पहले कविनगर थाने के आधुनिकीकरण के बाद उसका लोकार्पण समारोह हुआ। इस अवसर पर सहयोग करने वाले उद्यमियों को भी आमंत्रित किया गया था। पुलिस आयुक्त की अच्छी पहल भी दिखाई दी। इस अवसर पर शहर के उद्यमियों, व्यापारियों, गणमान्य लोगों, राजनीतिक और मीडिया जगत से जुड़े लोगों को भी आमंत्रित किया गया। जाहिर है एक अच्छा काम होता है तो उसमें सभी की भागीदारी होना चाहिए। पुलिस आयुक्त ने सार्वजनिक मंच से कहा कि इस शहर के उद्यमियों ने हमें बहुत अच्छा सहयोग किया है तभी हम ये एक अच्छा वातावरण देने के लिए मौजूद हैं। पुलिस की ओर से सहयोग करने वाले व्यापारियों का भी हाथ के हाथ सम्मान करके एक अच्छी पहल की शुरूआत की। बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र और कविनगर औद्योगिक क्षेत्र के अलावा राजनगर और कविनगर में निवास करने वाले उद्यमियों का भी सम्मान किया गया। कविनगर थाना क्षेत्र में अधिकतर बड़े उद्यमी और व्यापारी निवास करते हैं। दो बड़े औद्योगिक संगठन कविनगर इंडस्ट्रियल एरिया और बुलंदशहर इंडस्ट्रियल एरिया के साथ लोहा मंडी भी इसी क्षेत्र में आती है और सबके प्रयास से कविनगर थाना किसी मल्टीनेशनल कंपनी के कॉरपोरेट ऑफिस की तरह बनकर तैयार है। इस अवसर पर उद्यमी अरुण शर्मा, लोहा विक्रेता मंडल के अध्यक्ष अजय जैन, बंटू जैन, जाने-माने उद्योगपति संजीव गुप्ता, अनिल गर्ग, कई ऐसे नाम थे जो प्रथम पंक्ति में रहे और पुलिस की ओर से इन सभी का सम्मान किया गया। मुख्य रूप से नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी पूरे समारोह में मौजूद रहे और पुलिस विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनका बहुत सहयोग पुलिस विभाग को रहा।
पारिवारिक कार्यक्रम की तरह डटे रहे एसीपी और एसएचओ व टीम
गाजियाबाद (युग करवट)। कविनगर थाने के आधुनिकीकरण के शुभारंभ अवसर पर सभी व्यवस्था देखकर बड़े हैरान थे। भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने कहा कि कविनगर थाने का मंजर देखकर ऐसा लग रहा है जैसा मानो आज दीपावली हो। वास्तव में बहुत मेहनत के साथ पुलिसकर्मियों ने इस काम को अंजाम दिया। दरअसल एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्या और इंस्पेक्टर कविनगर अनुराग शर्मा व उनकी टीम इस आयोजन को सफल बनाने में इस तरह लगी रही जैसे मानो उनका कोई पारिवारिक कार्यक्रम हो। पुलिस की नौकरी ऐसी होती है कि तैयारी कोई करता है और इस्तेमाल कोई और करता है लेकिन जो लोग दिल से लगते हैं वो लोग वास्तव में एक नजीर बन जाती है। कविनगर थाने को देखकर यही लगता है कि पूरी टीम दिल से लगी है।