नई दिल्ली (युग करवट)। जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने युद्धविराम का अनुरोध किया है। ट्रंप ने कहा कि होर्मुज पूरी तरह से खुलने पर ही इस अनुरोध पर विचार किया जाएगा। अमेरिका के राष्टï्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरानी शासन के नए राष्टï्रपति अपने पूर्ववर्तियों की तुलना में कहीं कम कट्टरपंथी और कहीं अधिक बुद्धिमान हैं। उन्होंने अमेरिका से युद्धविराम का अनुरोध किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य के पूरी तरह से खुला, मुक्त और सुरक्षित होने पर ही हम इस पर विचार करेंगे। तब तक हम ईरान को पूरी तरह तबाह कर देंगे या यूं कहें कि उसे पाषाण युग में वापस भेज देंगे।
इससे पहले, मंगलवार को ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि अमेरिका जल्द ही ईरान से बाहर निकल आएगा। अमेरिकी राष्टï्रपति ने कहा, मुझे बस ईरान से निकलना है और हम बहुत जल्द ऐसा करेंगे। इसके बाद वे खुद ही गिर जाएंगे। इस बयान के बाद कल शेयर बाजार लगभग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, क्योंकि उन्हें दो बातें पता हैं। पहली- हमारा देश सुरक्षित है। हमें थोड़ा रास्ता (तरीका) बदलना पड़ा, क्योंकि हमारे पास खामेनेई नाम का एक पागल व्यक्ति था, जो अब हमारे बीच नहीं है। हमने पहले शासन परिवर्तन कर लिया है। हमने एक शासन को हटाया। फिर दूसरे को हटाया। अब हमारे पास ऐसे लोगों का समूह है, जो बहुत अलग हैं। जो ज्यादा पहुंच में हैं।
कल ट्रंप ने बुधवार को यह भी कहा कि वह उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) से अमेरिका को बाहर निकालने पर गहराई से विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, नाटो ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल नहीं हुआ। ट्रंप ने नाटो को कागजी शेर करार दिया। टेलीग्राफ के साथ इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, यह गठबंधन (नाटो) एक कागजी शेर है और ब्रिटेन के पास नौसेना तक नहीं है।
वहीं ईरान ने ट्रंप के इस प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है। हालांकि चीन और पाकिस्तान की तरफ से भी एक प्रस्ताव तैयार किया है जिसमें कहा गया है कि जंग में शामिल सभी देश पहले हिंसा रोके। बेकसूर नागरिकों को जो मारा जा रहा है वो बंद करे और फिर यूएन के नियमों के तहत आपस में बैठकर हल निकाले। वहीं ट्रंप देशवासियों को भी संबोधित करने वाले हैं उधर ईरान किसी भी प्रस्ताव को मानने के लिए तैयार नहीं है। ईरान का कहना है कि टं्रप पर भरोसा नहीं किया जा सकता। अगर सीज फायर करना है तो लिखित में समझौता किया जाए तब बात बन सकती है।
इस तरह के प्रस्ताव केवल मुहंजुबानी है। वहीसूत्रों कहना है कि कुछ बीच का रास्ता निकालने की तैयारी भी चल रही है। ईरान अपनी शर्तों पर समझौता करना चाहता है और उसके इलाके से जो भी तेल लेकर निकलेगा उनसे टोल लेना चाहता है। अमेरिका को ये बात स्वीकार नहीं है। बहरहाल, ये भी चर्चा है कि ५ अप्रैल तक कोई रास्ता निकलने की उम्मीद है जिससे दुनिया के देशों में जो तेल को लेकर मारामारी है वो दूर हो सके। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि अभी कुछ सप्ताह ये जंग और चल सकती है।