आदिवासियों की आवाज संसद तक पहुंची
नई दिल्ली (युग करवट)। लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान कन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि रेड कॉरिडोर के 12 राज्यों और आदिवासी समाज की ओर से वह इस बहस के लिए धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी वर्षों से चाहते थे कि उनकी स्थिति संसद में उठे और दुनिया जाने, लेकिन लंबे समय तक उन्हें यह मौका नहीं मिला। अब उनकी आवाज राष्ट्रीय मंच पर पहुंची है। आदिवासी विधायकों और सांसदों से पूछना चाहता हूं। आपने तो अपना विकास कर लिया। लेकिन आदिवासी जनता का आपने कितना विकास किया। उन्होंने कहा कि देश अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। जहां कभी हथियार बोलते थे आज वहां अस्पताल और स्कूल बन रहे हैं। बता दें कि एक साल पहले गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह संकल्प लिया था कि 31 मार्च 2026 तक देश से माओवाद को जड़ से खत्म किया जाएगा और अब यह लक्ष्य पूरा होता दिख रहा है।
गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी हथियार उठायेगा सरकार उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि वामपंथियों ने अपनी विचारधारा को बढ़ाने के लिए भोले-भाले आदिवासियों को चुना। उनके स्कूल और बैंक जला दिये। अनेक वर्षों तक विकास को उस क्षेत्र में वामपंथी उग्रवादियों ने पहुंचने नहीं दिया।