नई दिल्ली (युग करवट)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल विधानसभा चुनाव के प्रचार के लिए पलक्कड़ पहुंचे। यहां उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री पारंपरिक केरल मुंडू पहने हुए नजर आए। कायक्रम के दौरान एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला जब प्रधानमंत्री ने केरल के प्रसिद्ध वाद्य यंत्र चेंडा पर अपना हाथ आजमाया। उन्होंने बड़े उत्साह के साथ चेंडा बजाया। जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार उन्हें केरल में एक अलग ही माहौल दिखाई दे रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि केरल इस बार बदलाव का संदेश भेज रहा है।
प्रधानमंत्री ने वहां मौजूद भीड़ के उत्साह को देखकर कहा कि पलक्कड़ का यह मिजाज अब एक आंदोलन बन चुका है। उन्होंने कहा कि केरल के युवा, महिलाएं और किसान अब भाजपा और एनडीए पर पूरा भरोसा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस बदलाव का श्रेय केरल की जनता के आशीर्वाद और भाजपा कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत को दिया। विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि केरल दशकों से स्वार्थी राजनीति के दो मुखौटों के बीच फंसा हुआ है। उन्होंने एलडीएफ और यूडीएफ को भ्रष्ट और महाभ्रष्ट बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों गठबंधनों की नीतियां केवल वोटबैंक के लिए होती हैं और इन्हें विकास की कोई परवाह नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दोनों ने दशकों तक केरल को लूटा और आपस में लाभ बांटा है। इनके बीच समझौता था कि कुछ साल एक सरकार चलाएगी और फिर दूसरी।
प्रधानमंत्री ने जनता को आगाह किया कि ये दोनों पार्टियां भाजपा से डरती हैं क्योंकि उन्हें डर है कि भाजपा सत्ता में आई तो उनके काले कामों का पर्दाफाश हो जाएगा। उन्होंने बताया कि ये दल देश के अन्य राज्यों जैसे बिहार, तमिलनाडु और झारखंड में एक साथ गठबंधन में हैं, लेकिन केरल में एक-दूसरे को बुरा-भला कहकर जनता को धोखा दे रहे हैं। केरल में भाजपा और एनडीए की टीमें सरकार बनाने के लिए मैदान में उतर चुकी हैं। एनडीए का लक्ष्य लोगों के सपनों को साकार करना है। हमने केंद्र में रहते हुए भी केरल के विकास का पूरा प्रयास किया है। अगर राज्य में भाजपा सरकार आई तो इनके सारे घोटालों की जांच कराई जाएगी और केरल की जनता को न्याय दिलाएगी। सारे देश युद्ध क्षेत्र में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस संवेदनशील मामले में कांग्रेस किस तरह राजनीति कर रही है वह भी आपको याद रखना है, कांग्रेस जिस तरह के बयान दे रही है वह खतरनाक है। कांग्रेस चाहती है कि खाड़ी देशों में रहने वाले करीब 1 करोड़ भारतीयों की जिंदगी खतरे में पड़ जाए और फिर कांग्रेस इसका सियासी फायदा उठा सके।