कांग्रेस समेत चार राष्ट्रीय दलों के कुल चंदे से 1000 फीसदी ज्यादा बीजेपी को मिला
नई दिल्ली (युग करवट)। भाजपा और कांग्रेस एक बार फिर सबसे ज्यादा चंदा पाने वाले राष्ट्रीय दल रहे। हालांकि, इन दोनों दलों से इतर पूर्वोत्तर की एक छोट सी पार्टी के दान में सबसे ज्यादा 1313 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2024.25 में देश के प्रमुख राजनीतिक दलों की चंदे से हुई कमाई के आंकड़े सामने आ चुके हैं।
भाजपा एक बार फिर देश में सबसे ज्यादा चंदा पाने वाली पार्टी के तौर पर उभरी है। वहीं, दूसरा नंबर कांग्रेस का है। चौंकाने वाली बात यह है कि भारत के पहले नंबर के राजनीतिक दल और दूसरे नंबर के राजनीतिक दल के तरफ से जुटाए गए चंदे के बीच का दायरा करीब 12 गुना से ज्यादा है। यह आंकड़ा इसलिए भी आश्चर्य में डालने वाला है, क्योंकि भाजपा के पास कांग्रेस के मुकाबले सिर्फ दोगुने दानकर्ता ही हैं। यानी साफ तौर पर भाजपा को मिलने वाला चंदा बड़ी राशियों का है। भाजपा और कांग्रेस के अलावा कई और पार्टियों ने भी 2024-25 में मिले दान की राशि का खुलासा किया है। नियमों के मुताबिक, राष्ट्रीय दलों को 20 हजार रुपये से अधिक के चंदे का रिकॉर्ड दिखाना होता है और यह पूरा रिकॉर्ड 30 सितंबर 2025 तक चुनाव आयोग के पास भेजना होता है।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर 2024-25 में अलग-अलग पार्टियों को कितना चंदा मिला। इन पार्टियों ने कितने दानकर्ता जुटाए। किस दल ने एलान किया कि उसे 20 हजार रुपये से ज्यादा का चंदा ही नहीं मिला। इसके अलावा राज्यवार स्तर पर राष्ट्रीय दलों को कहां-कहां से दान मिला। सभी राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को कुल मिलाकर 11,343 दानकर्ताओं की तरफ से 6648.563 करोड़ रुपये का चंदा मिला।
देशभर में राजनीतिक दलों को जितना चंदा मिला, उसकी कुल राशि में 91 फीसदी से ज्यादा भाजपा को ही मिली। भाजपा ने 2024-25 के लिए 6074.015 करोड़ रुपये का दान दिखाया है। उसे यह दान 5522 दानदाताओं के जरिए मिला। यह राशि भाजपा के बाद चंदा जुटाने वाले चार राष्ट्रीय दलों को मिले कुल चंदे से 10 गुना से भी अधिक है।
कांग्रेस ने अपना दान 517.394 करोड़ रुपये दिखाया है, जो कि उसे 2501 दानकर्ताओं से मिला है। कांग्रेस को मिली यह राशि भाजपा के मुकाबले करीब 1000 प्रतिशत कम है।
आम आदमी पार्टी ने 2024-25 के लिए अपनी दान की राशि 38.106 करोड़ रुपये दर्शायी है, जो कि उसे 2554 दानकर्ताओं की तरफ से मिली।
माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी को 16.957 करोड़ रुपये का दान मिला, जो कि 741 दानदाताओं से जुटाया गया।
नेशनल पीपुल्स पार्टी, पूर्वोत्तर की इस प्रमुख पार्टी ने अपना दान 2.091 करोड़ रुपये दिखाया है, जो कि उसे 25 दानकर्ताओं से मिला। बहुजन समाज पार्टी ने पिछले 19 साल की तरह इस बार भी यही दर्शाया है कि पार्टी को 20,000 रुपये से अधिक का कोई चंदा प्राप्त नहीं हुआ है। चुनाव आयोग को दिए गए आंकड़े में पार्टी ने 20 हजार रुपये से ज्यादा के दान को शून्य दिखाया है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में 2024-25 के दौरान राष्ट्रीय दलों के कुल चंदे में करीब 4104.285 करोड़ रुपये (161 फीसदी) की भारी बढ़ोतरी देखी गई है। भाजपा के चंदे में 171 फीसदी की वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में पार्टी को 2243.947 करोड़ रुपये मिले थे, जो 2024-25 में बढक़र 6074.015 करोड़ रुपये हो गए। आप पार्टी के चंदे में 27.044 करोड़ रुपये का उछाल आया है, जो कि 2023-24 के मुकाबले 244 फीसदी ज्यादा है । इससे पहले के वित्त वर्ष में पार्टी को 11.062 करोड़ रुपये का चंदा मिला था।
एनपीपी पार्टी के चंदे में सबसे ज्यादा 1313 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले वर्ष एनपीपी को सिर्फ 14 लाख 80 हजार करोड़ रुपये मिले थे, जो कि 2024-25 में बढक़र 1.943 करोड़ रुपये हो गए।
कांग्रेस के चंदे में 84 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। 2023-24 में पार्टी को 281.480 करोड़ रुपये मिले थे, जो 2024-25 में बढक़र 517.394 करोड़ रुपये हो गए। माकपा के पिछले साल के 7.641 करोड़ रुपये के मुकाबले इस वर्ष चंदा बढक़र 16.957 करोड़ रुपये हो गया है। यह चंदे में 100 फीसदी से ज्यादा की बढ़त है।
सबसे अधिक किस राज्य ने दिया चंदा
राष्ट्रीय दलों को सबसे अधिक चंदा देने के मामले में राजधानी दिल्ली सबसे आगे है। यहां से पार्टियों को 2639.48 करोड़ रुपये का चंदा दिया गया। वहीं, दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र है, जहां से राजनीतिक दलों को 2438.86 करोड़ रुपये का चंदा मिला। तीसरे नंबर पर गुजरात रहा, जहां से पार्टियों को 309.17 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
राष्ट्रीय पार्टियों के चंदे का एक बड़ा हिस्सा कॉरपोरेट दान से आता है। 2024-25 के आंकड़ों को देखा जाए तो सामने आता है कि इस बार भी कुल दान में से कॉरपोरेट दान का हिस्सा 92.18 फीसदी रहा है। राष्ट्रीय दलों को 3,244 कॉर्पोरेट या व्यापारिक घरानों से कुल 6128.787 करोड़ रुपये का दान मिला। 7,900 व्यक्तिगत दानदाताओं ने राष्ट्रीय दलों को कुल 505.66 करोड़ रुपये का दान दिया है।
किस पार्टी को कितना कॉरपोरेट- कितना व्यक्तिगत दान मिला
भाजपा को 2,794 कॉरपोरेट दानकर्ताओं से सबसे ज्यादा 5717.167 करोड़ रुपये और 2,627 व्यक्तिगत दानदाताओं से 345.94 करोड़ रुपये का दान मिला। भाजपा की तरफ से जितना कॉरपोरेट चंदा घोषित किया गया है, वह बाकी सभी राष्ट्रीय दलों को मिले कुल कॉरपोरेट दान 411.62 करोड़ रुपये से 13 गुना ज्यादा है। कांग्रेस को 112 कॉरपोरेट दानदाताओं से 383.8605 करोड़ रुपये और 2,357 व्यक्तिगत दानदाताओं से 132.3885 करोड़ रुपये का दान मिला है।
राष्ट्रीय दलों को सबसे ज्यादा चंदा देने वाले दानकर्ता
वित्तीय वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को सबसे ज्यादा चंदा देने वाले शीर्ष 10 दानकर्ताओं में अधिकतर ट्रस्ट हैं, इसके अलावा सीरम इंस्टीट्यूट भी इस सूची का हिस्सा है।
प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट यह सबसे बड़ा दानकर्ता रहा, जिसने कुल 2413.465 करोड़ रुपये का चंदा दिया। इस ट्रस्ट ने भाजपा को 2180.71 करोड़ रुपये, कांग्रेस को 216.335 करोड़ रुपये, और आम आदमी पार्टी को 16.4178 करोड़ रुपये का दान दिया। प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट ने दो योगदानों के जरिए कुल 834.97 करोड़ रुपये का दान दिया, जो भाजपा और कांग्रेस को मिला। एबी जनरल इलेक्टोरल ट्रस्ट नेे 16 योगदानों के माध्यम से कुल 621 करोड़ रुपये का दान दिया। यह दान भाजपा और कांग्रेस को मिले।
न्यू डेमोक्रेटिक इलेक्टोरल ट्रस्ट ने सात योगदानों के जरिए कुल 155 करोड़ रुपये का चंदा भाजपा और कांग्रेस को दिया। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने तीन योगदानों के माध्यम से कुल 100 करोड़ रुपये का चंदा अकेले भाजपा को दिया। रुंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड ने चार योगदानों के जरिए कुल 95 करोड़ रुपये का चंदा भाजपा को दिया। वेदांता लिमिटेड ने कुल 67 करोड़ रुपये का दान दिया जो मुख्य रूप से भाजपा को प्राप्त हुआ।
मैक्रोटेक डेवलपर्स लिमिटेड नेे कुल 65.00 करोड़ रुपये का दान अकेले भाजपा को दिया। डिराइव इन्वेस्टमेंट्स ने कुल 57.50 करोड़ रुपये का दान दियाए जिसमें से बड़ा हिस्सा भाजपा और कुछ हिस्सा कांग्रेस को मिला। मॉडर्न रोड मेकर्स प्राइवेट लिमिटेड ने कुल 52.15 करोड़ रुपये का चंदा भाजपा को दिया।