राजनीति में नई पीढ़ी की शुरूआत
चाहे नीतीश कुमार हों या फिर केसी त्यागी पांच दशकों से सक्रिय राजनीति में रहने के बाद अब अपनी पीढ़ी को आगे करने की तैयारी में लग गये हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिल्ली का रूख किया, इससे पहले उन्होंने अपने बेटे निशांत को सैट कर दिया। हमेशा राजनीति से दूर रहने वाले निशांत अब जनता दल यू में शामिल हो गये हैं। वो अब नई पारी की शुरूआत करेंगे। वहीं जनता दल यू के पूर्व प्रधान महासचिव केसी त्यागी भी पांच दशकों से देश की राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन जिस तरह उन्हें जनता दल यू ने विदाई दी वो सभी के सामने है। नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग करने वाले केसी त्यागी को अगले ही दिन जनता दल यू से बाय-बाय कर दिया गया, लेकिन केसी त्यागी राजनीति के उस शिखर पर हैं जहां पहुंचना हरेक के लिए सपना होता है। अब वो एक बार फिर राष्टï्रीय लोक दल में शामिल हो गये हैं। दरअसल, रालोद में शामिल होने के पीछे भी कई कारण हैं। जनता दल यू भी एनडीए का हिस्सा था और रालोद भी एनडीए का हिस्सा है। जाहिर है वर्तमान राजनीति में एनडीए के साथ जुड़ा रहना भी फायदा है। तीसरी आंख ने देखा कि रालोद के प्रमुख जयंत चौधरी और केसी त्यागी के बीच अंदरखाने जो बातचीत हुई है उससे यही आभास हो रहा है कि नीतीश के बाद केसी त्यागी ने अपने बेटे अमरीश त्यागी के लिए बिसात बिछा दी है। बातचीत इसी बात को लेकर हुई है कि आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में अमरीश त्यागी को एनडीए गठबंधन से चुनाव लड़ाया जाए। यानि जो सीट गठबंधन में रालोद के पास आये उसमें से एक सीट पर अमरीश त्यागी को लड़ाया जाए। बताते हैं कि जयंत चौधरी ने यही आश्वासन दिया है कि एनडीए उनको कितनी सीटें देती है उस पर ही डिपेंड होगा। आपको बता दें कि इससे पहले भी अमरीश त्यागी का गाजियाबाद से भाजपा के टिकट पर चुनाव लडऩे की चर्चा बहुत तेजी से चली थी और उन्होंने अपना कार्यालय भी खोल लिया था जनसम्पर्क भी शुरू कर दिया था, भाजपा ज्वाइन भी कर ली थी लेकिन बात नहीं बनी। अब लोकदल में आने के बाद हो सकता है अमरीश त्यागी को कहीं ना कहीं से टिकट मिल जाए। हर बाप की इच्छा होती है कि उसका बेटा तरक्की करे। केसी त्यागी का नाम अपने आप में काफी महत्वपूर्ण है इसका भी लाभ अमरीश त्यागी को मिलेगा। जय हिंद