भाजपा की जिला कार्यकारिणी घोषित होते ही विवादों में आ गई। एक व्यक्ति को नामित भी कर दिया गया और कमेटी में भी लिया गया। दूसरे क्षेत्र में रहने वालों को कहीं और पद दे दिया गया है। हापुड़ में आरोप लग रहे हैं कि पार्टी ने दूसरे दलों से आए तथाकथित अवसरवादी लोगों को जिला कार्यकारिणी में जोड़ लिया है तो मोदीनगर में परिवारवाद के दावे हावी हैं। गढ़ में संगीता पुरूषोत्तम कांग्रेस से नगर पालिका का चुनाव लड़ चुकी हैं, उनको भाजपा ने जिला मंत्री बना दिया है, जबकि वहां से योगेश वर्मा, दीपेन्द्र कुमार, शिव गौतम जैसे कार्यकर्ता डिजर्व करते थे। हितेश मोदी के बारे में कहा जा रहा है कि वह बसपा में जिला महासचिव रहे हैं और अब भाजपा ने उन्हें जिला मंत्री बना दिया है। मुदित गोयल नगर उपाध्यक्ष थे अब कार्यालय सह मंत्री हो गए हैं, तो युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष दीपक भाटी को पूरी जिला कमेटी में ही स्थान नहीं दिया गया है। जबकि दीपक भाटी एक ऊर्जावान युवा नेता हैं उनके पास मजबूत टीम भी है, राजनीति की अच्छी समझ है, क्षेत्र में पकड़ है और नेतृत्व क्षमता भी है। उधर गाजियाबाद में निवर्तमान युवा मोर्चा अध्यक्ष ही नहीं बल्कि युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष को भी पद दिया गया है। भाजपा के जिला महामंत्री देवेंद्र चौधरी हैं और उनकी पत्नी सीमा चौधरी को सभासद नामित कर दिया गया है। इसी तरह मोदीनगर नगर पालिका चेयरमैन विनोद वैशाली की पत्नी को जिला मंत्री बनाया गया है। नवीन जायसवाल को जिला कोषाध्यक्ष के साथ साथ नामित सभासद बनाया गया है। सुनील निठौरा अब नोएडा रहते है उन्हें भी जिला उपाध्यक्ष बनाया गया, मेरठ निवासी तीसा गोस्वामी को जिला मंत्री बनाया गया है। गाजियाबाद के वैशाली में रहने वाले लोकेश चौधरी को खोड़ा नगर पालिका का नामित सभासद बना दिया गया है। जबकि उत्तर प्रदेश नगर निगम एवं नगर पालिका अधिनियम कहता है कि नगर निगम या पालिका में नामित होने के लिए उसी क्षेत्र का निवासी होना जरूरी है। गाजियााबद में ज्योति चौहान को नामित पार्षद भी बनाया गया है और महानगर कमेटी में पद भी। कुल मिलाकर कार्यकारिणी बनाने में पार्टी के ही नियमों का खुला उल्लंघन किया गया है। इससे पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता निराश हैं।