गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी को दिखाया आईना
नई दिल्ली (युग करवट)। लोक सभा स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान, वोटिंग और इसके ध्वनिमत से खारिज होने के बाद पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने सदन की कार्यावाही स्थगित कर दी। इस दौरान विपक्ष की तरफ से जोरदार हंगामा किया गया, वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने इससे पहले विपक्ष पर करारा हमला भी बोला। पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने अविश्वास प्रस्ताव के खारिज होने का फैसला सुनाया। गृहमंत्री अमित शाह के संबोधन के दौरान विपक्ष की तरफ से जोरदार हंगामा किया गया। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सदस्यों ने गृहमंत्री अमित शाह से माफी की मांग की। विपक्ष के हंगामे के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने अपना भाषण जारी रखा। उन्होंने कहा- डोकलाम विवाद के दौरान कांग्रेस के नेता चीन गए, चीनी दूतावास में कांग्रेस गुप्त मीटिंग कर रही थी, कांग्रेस ने ही चीन को अक्साई चिन को दे दिया। अमित शाह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि 12 महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के समय राहुल गांधी सदन में नहीं थे।

वह तमाम अहम मुद्दों पर बोलते ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 17वीं लोकसभा में विपक्ष के नेता की उपस्थिति मात्र 51 फीसदी रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी के विदेश यात्राओं का भी जिक्र किया है, उन्होंने कहा जब-जब बजट सत्र या महत्वपूर्ण सत्र आता है तो वे विदेश में होते हैं। कई अहम विधेयकों पर चर्चा के दौरान वे सदन से गायब रहते हैं। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब के मुद्दे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब स्पीकर ने एक बार आपको टोक दिया और आप फिर उसी मुद्दे पर बोलेंगे तो इसके बाद स्पीकर के पास के क्या विकल्प बचता है। गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि हमने कभी विपक्ष की आवाज दबाने का काम नहीं किया। आज कुछ लोग मेरी आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं, तो मैं यह कहना चाहता हूं कि समूचे विपक्ष की आवाज 1975 में आपातकाल के दौरान दबाई गई थी। कांग्रेस की तरफ से स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है, लेकिन स्पीकर ने कांग्रेस को भाजपा से ज्यादा बोलने का वक्त दिया है। विपक्ष के नेता कहते हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया जाता है, जबकि उनके दल को भाजपा से अधिक बोलने का समय दिया गया है। क्योंकि जब बोलने का समय होता है तो वे जर्मनी में होते हैं या इंग्लैंड में होते हैं। लोकसभा की छवि खराब करने को कोशिश की जा रही है। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि सभी सदस्यों की अनुमति हो तो सदन की कार्यावाही गृहमंत्री का भाषण पूरा होने तक बढ़ा दिया जाए। इस दौरान विपक्ष की तरफ से जोरदार हंगामा किया और आरोप लगाया कि गृहमंत्री ने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया। इस पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मेरे भाषण में कोई भी असंसदीय शब्द हो तो उसे डिलीट कर दिया जाए। इस पर पीठासीन अध्यक्ष ने भी फैसला सुनाया।