जांच के नाम पर खानापूर्ति
हमारा सिस्टम हर हादसे के बाद जागता है। जब कोई हादसा होता है तब सरकार भी सक्रिय होती है, प्रशासन भी मुस्तैद होता है, जांच के आदेश होते हैं और फिर जांच का क्या रिजल्ट रहा, किसके खिलाफ कार्रवाई हुई, कितनी ठोस हुई किसी को पता नहीं चलता। बहुत से मामलों मेें तो बस जांच कागजों में रहती है और बस कागजों तक ही सिमट कर रह जाती है। पहले विमान हादसे होते तो उसकी तह तक लोग जाते थे, लेकिन अब केवल और केवल कागजी तौर पर ही सबकुछ हो रहा है। एक साल में कई विमान हादसे हुए, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सबकुछ शून्य है। देश के सीडीएस विपिन रावत विमान हादसे में शहीद हुए लेकिन आजतक हादसा क्यों हुआ, क्या तकनीकी खराबी थी, इसका कुछ नहीं पता। देश ने एक मजबूत सीडीएस खो दिया। गुजरात में जो हादसा हुआ। दो सौ से अधिक लोगों की जान चली गई। गुजरात के मुख्यमंत्री रुपाणी इस हादसे का शिकार हुए। हादसे के बाद बहुत हो-हल्ला हुआ, लेकिन आज जांच कहां है, कौन जिम्मेदार रहा, किसकी कमी रही, ब्लैक बॉक्स में क्या जानकारियां मिलीं, कुछ नहीं पता। आज महाराष्टï्र के बारामती में जो विमान हादसा हुआ उसने सबको झकझोर कर रख दिया। महाराष्टï्र की राजनीति के मजबूत स्तम्भ अजीत पंवार जो सरकार में डिप्टी सीएम थे, विमान हादसे का शिकार हो गये। उनका विमान उस जगह पर क्रैश हुआ जहां के वे राजा माने जाते थे। देश ने एक मजबूत नेता आज खो दिया। महाराष्टï्र की राजनीति में एक बड़ी क्षति हुई है। इससे पहले कई बड़े नेता हादसों का शिकार हो चुके हैं। आखिरकार, विमान हादसे क्यों हो रहे हैं, कहां पर कमी है, कौन जिम्मेदार है, इसका जवाब जरूरी है। विमान हादसों पर ठोस कार्रवाई होना जरूरी है। आखिरकार विमान हादसों में कैसे बढ़ोत्तरी हो रही है। पहले कभी दशकों में कोई विमान हादसा होता था। अब विमान हादसे भी सडक़ हादसों की तरह हो रहे हैं। आज की घटना के बाद भी वही होगा जो पहले होता रहा है। अजीत पंवार के निधन पर सभी लोग दु:ख व्यक्त करेंगे। जाहिर है राजनीति का एक मजबूत स्तम्भ चला गय। डीजीसीए जांच की बात करेगा, ब्लैक बॉक्स देखा जाएगा और फिर सबकुछ पुराने ढर्रे की तरह ही चलेगा। मामला हाईफाई है तो कुछ दिन तक यह मीडिया में भी सुर्खियों में रहेगा। विमानन मंत्री भी बयान देंगे, जांच की बात होती रहेगी और सबकुछ फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा। जरूरत इस बात की है कि ठोस तरीके से जांच हो। जो जिम्मेदार है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और आगे ऐसे हादसे न हो इस पर ठोस नीति बने और हादसों के लिए जिम्मेदारी तय की जाए। जय हिन्द