गाजियाबाद (युग करवट)। धौलाना विधानसभा क्षेत्र में सांसद अतुल गर्ग और क्षेत्रीय विधायक धर्मेश तोमर किसी कार्यक्रम में भाग लेने के लिये जा रहे थे। इस बीच दोनों नेताओं का जबरदस्त विरोध हुआ और उनको बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। क्षेत्र के लोगों में इस बात को लेकर विरोध था कि जनप्रतिनिधि उनके क्षेत्र में नहीं आते और ना ही समस्याओं की ओर ध्यान देते। इस विरोध की वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा हाईकमान ने इसका संज्ञान लिया और २०२७ के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इस विरोध को लेकर चिंता भी जताई। यदि जब जनप्रतिनिधियों का इस तरह सार्वजनिक विरोध होने लगे तो जमीनी हकीकत क्या है इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। गाजियाबाद से लेकर गढ़ तक भगवा का राज है और चारो ओर कमल खिला है उसके बाद भी लोग विरोध कर रहे हैं तो कहीं ना कहीं इसमें क्षेत्र की अनदेखी सामने आई है। वैसे ऐसे कई मुद्दे हैं जिसको लेकर भाजपा नेताओं का विरोध हो रहा है। यूजीसी का मुद्दा सबसे गंभीर है और आने वाले दिनों में इसको लेकर और विरोध हो सकता है इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं चार बार के भाजपा के सांसद डॉ. रमेश चन्द तोमर को वीडियो वायरल होने के बाद लखनऊ से एक फोन आया और पूरी घटना की जानकारी ली गई। बताते हैं कि लखनऊ से रमेश चन्द तोमर को बोला गया है कि वो बहुत जल्द एक होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में बुलाये जाएंगे और आगे की रणनीति तय की जाएगी। बताते हैं कि जाति विशेष की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में भाजपा के दो मजबूत चेहरे बुलाये गये हैं जो क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ रखते हैं। बताते हैं कि फोन करने वाले ने कहा कि तीन दिन पहले ही इस बैठक की जानकारी दी जाएगी। सूत्रों बताते हैं कि विधानसभा चुनाव २०२७ को लेकर भाजपा इस बार बहुत फूंक-फूंककर कदम रख रही है और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ थोड़ा भी माहौल बन रहा है उसको भी गंभीरता से ले रही है। क्योंकि २०२७ का विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए बहुत कांटे का चुनाव है और कोई भी रिस्क वो लेने को तैयार नहीं हैं। इसलिए इस वीडियो के बाद डॉ. रमेश चन्द तोमर को बुलाना भी अपनेआप में किसी बड़ी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।