गाजियाबाद (युग करवट)। भूजल सरंक्षण की दिशा में जिला प्रशासन का एक नई पहल करने जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में मृत कुओं को तलाश कर उन्हें फिर से पुर्नजीवित किया जाएगा। पहले चरण में दस कुओं को तलाश कर उनको पुर्नजीवित किया जा रहा है। इस सम्बंध में सीडीओ कुमार सौरभ ने बताया कि लखनऊ से एक विशेष टीम को इस कार्य के लिए बुलाया गया है जो वर्तमान में सर्वे कर ऐसे कुओं की तलाश कर रही है जो अतिक्रमण से दब गए हैं या मिटटी, मलबे में दब गए हैं। इसके अलावा इस सर्वे में डेड नलकूपों को भी तलाशा जा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक अकेले भोजपुर में ही ऐसे 170 के करीब मृत कुएं मिलने की सम्भावना है। फिलहाल पहले चरण में सीएसआर फंड के माध्यम से दस कुओं को पुर्नजीवित किया जा रहा है। प्रत्येक कुएं पर दो लाख रूपए की लागत आएगी जिसमें कुंए का सौंदर्यीकरण, बोरिंग, मरम्मत आदि का काम किया जाएगा। एक कुएं से करीब दस से 12 घरों को पानी सप्लाई किया जा सकेगा। इसके अलावा इन कुओं को हर घर के रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे बरसात का पानी इन कुओं में एकत्र हो सके और गिरते भूजल का स्तर को कम किया जा सके। वर्तमान में सुराना, रावली, डिडोली, डबाना, चुडियाला, फरीदनगर, फफराना, सारा और शाहजहंापुर गांव में कुओं को पुर्नजीवित करने का काम किया जा रहा है।