अयोध्या (युग करवट)। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने चंपत राय से पूछताछ करके उनके बयान दर्ज किए हैं। बंद कमरे में घंटों तक हुई बातचीत में चढ़ावे की गिनती, सुरक्षा व्यवस्था, दान की प्रक्रिया और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर सवाल किए गए। पुलिस ने ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों के भी बयान दर्ज किए हैं। जांच एजेंसी चढ़ावे के संग्रह, गिनती और बैंक में जमा करने की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है। उधर, पुलिस की एक टीम स्टेट बैंक आफ इंडिया, अयोध्या धाम ब्रांच पहुंची। इसी ब्रांच में राम मंदिर का खाता है। यहां के दो कर्मचारी रत्नेश चतुर्वेदी और गगनदीप आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की निगरानी के लिए लगाए गए थे। गिरफ्तार आरोपियों में से छह आरोपी इसी बैंक के आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं, जो चढ़ावा गिनने और उसके बाद चढ़ावे को बैंक में जमा करवाने की ड्यूटी पर तैनात थे। इसमें अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, रमाशंकर आदि हैं। बैंक से जरूरी कागजात लेकर पुलिस टीम निकल गई है। चढ़ावा चोरी का मामला उजागर होने के बाद से ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा सवालों से घिरे हुए थे। 20 दिनों तक मामले में लीपापोती होती रही। सूत्रों के मुताबिक, दोनों पदाधिकारियों से इस्तीफा मांगा गया था। लेकिन वह देने को तैयार नहीं हो रहे थे। जब दबाव हद से अधिक हो गया तब जाकर इस्तीफा दिया।