जितना जल्दी कोई राजनीतिक विवाद जन्म लेता है उसे खत्म होने में भी कहीं ज्यादा समय लगता है। लोग विवादित बातों को चर्चा में बनाए रखते हैं कि प्रभावित समाज उसे भूल ही ना पाए। ऐसा ही सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता के ब्राह्मïणों पर दिए गए बयान को लेकर हो रहा है। लोगों को लगा सपा नेता द्वारा माफी मांग लेने के बाद यह विवाद समाप्त हो गया है। मगर ऐसा नहीं है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी के बयान पर बवाल अभी रुका नहीं है। ब्राह्मण समाज के अपमान के मामले पर समाजवादी पार्टी से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक के ब्राह्मïण नेताओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ब्राह्मïण समाज के लोगों समाजवादी पार्टी में राजनीति करने वाले अपने समाज के लोगों से जानना चाहते हैं कि क्या उन्होंने अपनी पार्टी के राष्ट्रीयअध्यक्ष से इस बारे में बात की है, क्या कार्रवाई की मांग की गई?
लोगों ने सवाल पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा से भी पूछा है कि वह भी सपा से टिकट के दावेदार हैं, हाल में उन्होंने सम्मेलन भी किया, पर क्या उन्होंने राजकुमार भाटी के बयान की निंदा की है? ऐसा ही सवाल नोएडा के सांसद डाक्टर महेश शर्मा और भाजपा के नोएडा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा से भी किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि राजकुमार भाटी गौतमबुद्घनगर के निवासी हैं, इसलिए उनके द्वारा ब्राह्मण समाज के अपमान में कहे गए शब्दों का विरोध सांसद डाक्टर महेश शर्मा व भाजपा के जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने क्यों नहीं किया? नोएडा में सवाल उठाया जा रहा है कि जब गाजियाबाद में भाजपा नेता राजकुमार भाटी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं तो भला नोएडा में सांसद और भाजपा जिलाध्यक्ष सपा के नेता के बयान की निंदा भी नहीं कर सकते? सोशल मीडिया पर ऐसे सवालों की भीड़ लगी पड़ी है। सपा नेता के बयान को लेकर सभी दलों के ब्राह्मïण नेताओं और जनप्रतिनिधियों से सवाल किया जा रहा है। जनता अपने सवालों का जवाब चाहती है। मगर नेता इससे देरी बनाते दिख रहे हैं।