विधानसभा चुनाव की आहट के बीच सबसे ज्यादा चर्चा टिकट के दावेदारों को लेकर चल रही है। सत्तारूढ भारतीय जतना पार्टी में तो टिकट के दावेदारों की बाढ़ सी आई हुई है। भाजपा के दावेदारों में ऐसे ऐसे नाम हैं जिन्हें देख-सुन कर भी हैरानी होती है। भाजपा में ऐसे बहुत से लोग हैं खुद के लिए टिकट मांग रहे हैं। मगर यहां एक नाम ऐसा भी है जो खुद के टिकट की कहीं दावेदारी कर ही नहीं रहा है। बल्कि भाजपा कार्यकर्ता और सामान्य जनता उसके नाम की खुद से दावेदारी कर रही है। यह नाम है भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह का। संभवत: वर्तमान में भारत की राजनीति में नीरज सिंह एक मात्र नाम हो सकता है जिसके लिए पार्टी के कार्यकर्ता और क्षेत्र की जनता टिकट मांग रही है। वह भी किसी एक सीट से नहीं, बल्कि कई-कई सीट से। नीरज सिंह पिछले काफी लंबे समय से लखनऊ में सक्रिय हैं। लखनऊ में वह अपने पिता देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के लोकसभा क्षेत्र का काम देख रहे हैं। उन्होंने लखनऊ के विकास के लिए कई योजनाएं प्रशासन के सामने रखीं, जो आज सफल भी हैं। वह पिछले कई साल से अटल स्वास्थ्य मेले का आयोजन कराते आ रहे हैं। हर साल रोजगार मेला लगाते हैं। पिछले स्वास्थ्य और रोजगार मेले में तो रिकार्ड तोड़ लोग पहुंचे थे। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नीरज सिंह के कई कार्यक्रमों में शामिल हो चुके हैं। लखनऊ की एक नहीं कई विधानसभा सीटों के कार्यकर्ता चाहते हैं कि भाजपा नीरज सिंह को उनके क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ाए। नीरज को अपना विधायक देखने वाले लोग लखनऊ तक ही सीमित नहीं हैं। रायबरेली, बनारस, अयोध्या, हापुड़ में धौलाना, गाजियाबाद में सदर और साहिबाबाद, मेरठ में किठौर और यहां तक कि गौतमबुद्घनगर की भी एक सीट ऐसी है जहां के लोग नीरज सिंह को अपना विधायक देखना चाहते हैं। नीरज सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष इसी बार बनाया गया है मगर उनकी लोकप्रियता डेढ़ दशक से भी अधिक समय से चरम पर है। वह दिल्ली में होते हैं, तो उनसे मिलने के लिए गाजियाबाद, नोएडा, हापुड़, अमरोहा तक के लोग पहुंचते हैं। जब वह लखनऊ में होते हैं तो किसी भी बड़े नेता के से अधिक भीड़ नीरज सिंह के पास होती है। उनसे कार्यक्रम मांगने वालों की एक लंबी लिस्ट अभी भी है। उत्तर प्रदेश में चुनाव कोई भी हो, हर सीट पर भाजपा प्रत्याशी और उसके समर्थकों की पहली पसंद नीरज सिंह ही होते हैं। प्रदेश का युवा वर्ग तो खासतौर पर उनका पसंदीदा समर्थक है। भाजपा यदि नीरज सिंह जैसे व्यक्तित्व को विधानसभा चुनाव में उतारती है तो उसको लाभ मिलने के चांस कहीं अधिक हैं।