महामाया स्टेडियम, नेहरूनगर स्टेडियम, जवाहरलाल नेहरू युवा केन्द्र, श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर कॉरिडोर आदि अनेक ऐसी योजनाएं हैं जिनको लेकर बड़े-बड़े दावे किये गए। श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर कॉरिडोर के मामले में तो खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यक्तिगत रुचि ली थी। कई बार दौरे और निरीक्षण भी हुए। मगर अब लगता है कि कार्य उस गति ने नहीं हुए जिसकी उम्मीद थी। महामाया स्टेडियम में मूलभूत सुविधाओं की मांग एथलीट्स लंबे समय से कर रहे हैं। विधायक संजीव शर्मा ने एथलीट्स की समस्या को समझा और स्टेडियम में सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन से धन स्वीकृत भी कराया। पिछले दिनों विधायक संजीव शर्मा और सांसद अतुल गर्ग ने महामाया स्टेडियम का निरीक्षण भी किया था। मगर कार्य में तेजी यहां भी नहीं दिखाई दी। अगर खिलाडिय़ों की बात पर विश्वास करें तो आखिर बार अगर किसी जनप्रतिनिधि ने यहां कुछ विकास कार्य कराए थे तो वह वीके सिंह थे। उन्होनें ही कुछ काम कराए थे। मगर उसके बाद किसी जनप्रतिनिधि ने महामाया स्टेडियम की बदहाली और खिलाडिय़ों की समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया। अब जाकर विधायक संजीव शर्मा एक उम्मीद बनकर आए थे। इसी तरह नेहरू स्टेडियम में वॉकिंग ट्रैक आदि को लेकर भी बात कही गई थी। मगर शायद हुआ अभी यहां भी कुछ नहीं है। श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर गाजियाबाद में आस्था का सबसे बड़ा केन्द्र है। यहां सरकार ने कॉरिडोर बनाने की घोषणा की थी। घोषणा होने के बाद कुछ दिन तक जरूर अधिाकरियों और जनप्रतिनिधियों के दौरे हुए। कुछ दिन नपाई जैसी चीजें हुईं, कागज, पत्र आदि लेकर भी लोग दिखाई दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी श्री दूधेश्वर मंदिर पहुंचे, तैयारियों का जायजा भी लिया। मगर अभी तक नतीजा तो कोई दिखाई नहीं दे रहा है। गाजियाबाद में पुराना रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक बनाने की मंजूरी भी तत्कालीन सांसद वीके सिंह ने दिलाई दी। मगर वहां भी कुछ काम होता दिख नहीं रहा है। हां इतना जरूर है कि आप इस संबंध में गाजियाबाद के किसी जनप्रतिनिधि से बात कर लीजिएगा जवाब एक ही मिलेगा- काम चल रहा है।