नई दिल्ली (याुग करवट)। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। राघव चड्ढा ने राज्य सभा सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हमने फैसला किया है कि हम, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए भाजपा में विलय कर लेंगे। इसके बाद वह भाजपा मुख्यालय पहुंचे। वहां भाजपा राष्टï्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उनका स्वागत किया। राघव चड्ढा ने अपने ही साथ ही आठ नाम और गिनाए जो भाजपा में जाने वाले हैं। दिलचस्प है कि 15 दिन पहले राघव चड्ढा को हटाकर जिन्हें राज्यसभा में डिप्टी लीडर बनाया था, वह अशोक मित्तल भी अब भाजपा में जा रहे हैं। राघव चड्ढा ने प्रेस कांफ्रेंस में भारी मन से कहा कि आम आदमी पार्टी अपने उन आदर्शों और बुनियादी मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है, जिनके लिए इसे बनाया गया था। उन्होंने अपनी स्थिति तय करते हुए कहा कि मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता की ओर बढ़ रहा हूं। इस दौरान उन्होंने 8 सांसदों के नाम गिनाए, जो अब भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं।
राघव चड्ढा ने बताया कि इस मर्जर, इस्तीफे आदि की कागजी कार्रवाई उन्होंने पूरी कर ली है। राघव चड्ढा ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि राज्यसभा में पार्टी के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने भाजपा में विलय का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि आप के कुल 10 राज्यसभा सांसद हैं और इनमें से 2/3 से ज्यादा इस फैसले के साथ हैं। राघव चड्ढा के मुताबिक सभी सांसदों ने इस संबंध में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और इन्हें राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया गया है।
उन्होंने कहा कि हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, बलबीर सिंह सीचेवाल शामिल हैं।
संजय सिंह ने ऑपरेशन लोटस का खेल बताया
नई दिल्ली (युग करवट)। राघव चड्ढा के आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने के बाद पार्टी की ओर से पहली प्रतिक्रिया राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दी। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये ऑपरेशन लॉट्स के जरिए पंजाब में घटिया खेल कर रही है। पंजाब में आम आदमी की सरकार ने शानदार काम किया है उसके सामने अब भाजपा ने अपना घटिया राजनीति खेल शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि ये जो सात राज्यसभा सांसद पार्टी छोडक़र भाजपा में शामिल हुए हैं, उनके नाम पंजाब के लोगों को याद रखना चाहिए और इन्हें आने वाले चुनाव में सबक सीखाने का काम करें।