गाजियाबाद (युग करवट)। इंदिरापुरम स्थित यशोदा मेडिसिटी ने अपना एक साल पूरा कर लिया है। इस एक साल में यशोदा मेडिसिटी ने सफलता के कई आयामों को हासिल किया है तो वहीं एडवांस्ड चिकित्सा सुविधाओं के साथ अपनी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करने, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और बेहतर किया है। पिछले एक साल में यशोदा मेडिसिटी में एक लाख 20 हजार से अधिक मरीजों का भर्ती कर इलाज किया गया है।
सरकारी हॉस्पिटल में तकनीक-आधारित क्रिटिकल केयर सपोर्ट पहुंचाने से लेकर थैलेसीमिया के मरीजों के लिए विशेष सेवाएं शुरू करने और आपातकालीन प्रतिक्रिया को मजबूत करने तक, यशोदा मेडिसिटी ने अपना पहला साल चिकित्सीय क्षमताएं विकसित करने और विशेष स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को बेहतर बनाने की दिशा में काम करते हुए पूरा किया है। 26 अक्टूबर को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस अस्पताल का उद्घाटन किया। उनके साथ केन्द्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यंमत्री अनुप्रिया पटेल और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक भी मौजूद रहे। पहले साल में हॉस्पिटल ने आधुनिक इलाज, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग और इमरजेंसी तैयारियों से जुड़े कई कदम उठाए हैं। फरवरी में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अस्पताल में एआई एनेब्लड ई-आईसीयू कमांड सेन्टर का शुभारंभ किया। जिला अस्पताल के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्ेश्य सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में तकनीक की मदद से गंभीर मरीजों का इलाज करना है। मई में थैलेसीमिया केयर सेंटर की स्थापना की गई।
इसके अलावा बीमारी की शुरुआती पहचान और प्रजनन से जुड़े सही फैसले लेने में मदद के लिए यहां कैरियर स्क्रीनिंग, प्रसव पूर्व जांच (एंटीनेटल टेस्टिंग) और काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। यशोदा मेडिसिटी ने पहले साल में 1 लाख 20 हजार से अधिक मरीजों को भर्ती कर इलाज किया। लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट सहित 4,235 से अधिक सर्जरी की गई, तीन हजार से अधिक विदेशी मरीजों का इलाज किया गया।

यशोदा इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर में भी 8,000 से अधिक मरीजों का इलाज हुआ।

स्वास्थ्य सेवा में मजबूत नींव: पीएन अरोड़ा
यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पी. एन. अरोड़ा ने कहा यशोदा मेडिसिटी का पहला साल एडवांस्ड और व्यापक स्वास्थ्य सेवा के लिए एक मजबूत नींव रखने का रहा है। इसमें शुरुआत से ही चिकित्सीय क्षमताएं, मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पेशलाइज्ड एक्सपर्टीज मौजूद रही है। अब जब हम अपने दूसरे साल में प्रवेश कर रहे हैं, तो हमारा ध्यान इसी नींव को और मजबूत करने, एडवांस्ड इलाज की उपलब्धता बढ़ाने, अपनी स्पेशलाइज्ड सेवाओं को और विकसित करने और यह सुनिश्चित करने पर है कि ज्यादा से ज्यादा मरीज अपने घर के करीब ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा का लाभ उठा सकें। हॉस्पिटल को एनएबीएच मान्यता भी प्राप्त हुई है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा पर इसके विशेष ध्यान को दर्शाती है।
अच्छा इलाज देना ही लक्ष्य: उपासना

यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. उपासना अरोड़ा ने कहा किसी हॉस्पिटल की तरक्की का असली पैमाना यह है कि उसका लोगों की सेहत पर क्या असर पड़ता है। स्पेशलाइज्ड इलाज की उपलब्धता को बेहतर बनाकर, पब्लिक हेल्थकेयर सिस्टम को मजबूत करके और शुरुआती स्तर पर ही इलाज में मदद देकर हमारा लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद कमियों को दूर करना है। हमारा पूरा ध्यान मरीजों की जरूरतों को प्राथमिकता देने, हेल्थकेयर के क्षेत्र में मजबूत साझेदारी बनाने और यह सुनिश्चित करने पर है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को उनके घर के पास ही समय पर और अच्छी गुणवत्ता वाला इलाज मिल सके।