डिप्टी रजिस्ट्रार का मामला पहुंचा शासन
गाजियाबाद (युग करवट)। कविनगर रामलीला समिति के वैध-अवैध होने का मामला अब शासन तक पहुंच गया है। जिससे इस मामले ने अब और तूल पकड़ लिया है। पूर्व सांसद व रामलीला समिति के आजीवन सदस्य रमेश चंद तोमर ने लखनऊ में प्रदेश के संसदीय व वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से मुलाकात कर इस मामले को रखा। पूर्व सांसद ने संसदीय मंत्री से कहा कि डिप्टी रजिस्ट्रार निखिलेश रंजन द्वारा दबाव में आकर एक ऐसी रामलीला समिति को वैध करार दिया है जिसका कोई औचित्य ही नहीं है। किस आधार पर डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा इस समिति को वैध बताया गया है, इसकी भी जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। पूर्व सांसद ने बताया कि इस मामले में संसदीय मंत्री सुरेश खन्ना ने डिप्टी रजिस्ट्रार को लखनऊ में तलब किया है। बता दें कि श्रीधार्मिक रामलीला समिति कविनगर में वैध-अवैध को लेकर विवाद चल रहा है। जीडीए द्वारा डिप्टी रजिस्ट्रार से कौन सी समिति वैध है इसका जवाब मांगा गया था, जिसके बाद विपुल शर्मा वाली समिति को वैध करार दिया गया और समिति द्वारा 30 अगस्त को रामलीला मंचन के लिए भूमि पूजन भी किया गया। वहीं राम कुमार तोमर वाली समिति द्वारा भी छह सितम्बर को भूमि पूजन किए जाने के निमंत्रण पत्र जारी किए जा चुके हैं। पूर्व सांसद का आरोप है कि डिप्टी रजिस्ट्रार ने दबाव में आकर एकतरफा निर्णय किया है, जो पूरी तरह से गलत है। अब यह मामला प्रदेश शासन तक पहुंच गया है जिससे दूसरे पक्ष में भी खलबली मच गई है। हालांकि इस मामले में जीडीए अधिकारी और डिप्टी रजिस्ट्रार चुप्पी साधे हुए हैं।