नई दिल्ली (युग करवट)। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने आज एक नोटिफिकेशन जारी किया, जिसके तहत कफ सिरप समेत सिरप वाली दवाएं अब बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी। पिछले साल अक्टूबर में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और राजस्थान में कफ सिरप पीने से हुई बच्चों की मौत की खबरों ने लोगों को काफी डरा दिया था। दवा के सेवन के कारण कई बच्चों की किडनी फेलियर से मौत हो गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने बच्चों के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाले कफ सिरप के तर्कसंगत उपयोग पर सलाह जारी की थी। जांच में पाया गया था कि सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा 48 फीसदी से ज्यादा पाई गई, जबकि स्वीकार्य सीमा केवल 0.1प्रतिशत है। अब इसपर केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी किया, जिसके तहत कफ सिरप समेत अन्य सिरप वाली दवाएं अब बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी। अब ऐसी दवाएं खरीदने के लिए डॉक्टरी प्रिस्क्रिप्शन की जरूरी होगा।