नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। जीडीए का लैंडपुलिंग मॉडल शहर के विकास की धूरी बनने जा रहा है। इस मॉडल के जरिए जीडीए सुनियोजित शहरी विकास की दिशा में एक नई शुरूआत करने जा रहा है। हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में ऐरोसिटी थीम पर बसने वाली नई टाउनशिप, हरनंदीपुरम योजना सहित कई योजना में लैंड पुलिंग के तहत जमीन खरीद को सहमति दी गई है। इस योजना के तहत किसानों और भूमि स्वामियों और जीडीए के बीच आपसी सहयोग पर आधारित होगा। जमीन के बदले भूमि स्वामियों को विकसित और आधुनिक सुविधाओं से लैस भूखण्ड मिलेंगे। इससे जहां जीडीए को बिना किसी विवाद के योजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध हो सकेगी वहीं भूमि स्वामियों को भी आधुनिक सुविधाओं से युक्त भूखण्ड उपलब्ध होंगे।
जीडीए की कई महत्वूपर्ण परियोजनाएं इस समय में संचालित हैं जिसमें सबसे महत्वपूर्ण है अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम परियोजना और इसके आसपास के क्षेत्रो को ऐरोसिटी थीम पर एक नई टाउनशिप के रूप में बसाना है।
प्रस्तावित इस परियोजना को गाजियाबाद के भविष्य की गेम चेंजर परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। परियोजना के तहत आधुनिक आवासीय सेक्टर, कॉर्पोरेट एवं कमर्शियल हब, होटल कन्वेंशन सेंटर, विश्वस्तरीय सडक़ नेटवर्क, स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर, मनोरंजन व अत्याधुनिक नागरिक सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। साथ ही इस परियोजना में बड़े स्तर पर निवेश और रोजगार सृजन व ऑर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की भी सम्भावना जताई जा रही है। इस परियोजना में भूमि अधिग्रहण को लेकर 2813 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। इस योजना में शामिल जमीन को लैंडपुलिंग मॉडल से लिया जाएगा। वहीं जीडीए की हरनंदीपुरम योजना भी आधुनिक टाउनशिप की संकल्पना है। यानि इस टाउनशिप को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस तैयार किया जाएगा। इस योजना में पहले चरण में जमीन खरीद की प्रक्रिया चल रही है, दूसरे फेज में भी भूमि अधिग्रहण को सहमति मिल चुकी है। इस योजना में भी जीडीए लैंड पुलिंग मॉडल अपनाएगा। गांव भोवापुर,मोरटा व शाहपुर निज मोरटा की कुल 125.2874 हेक्टेयर भूमि आपसी सहमति के आधार पर ली जाएगी। योजना के अंतर्गत चौड़ी सडक़ें, आधुनिक सीवरेज एवं ड्रेनेज नेटवर्क, हरित क्षेत्र, पार्क, सामुदायिक सुविधाएं, शिक्षा एवं स्वास्थ्य अवसंरचना तथा स्मार्ट अर्बन सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। इन परियोजनों में जीडीए लैंड पुलिंग स्कीम के तहत जमीन अधिग्रहण करेगा।
सहभागिता आधारित विकास के तहत किसानों और भूमि स्वामियों के बीच आपसी सहयोग पर परियोजनाएं विकसित होंगी। परियोजनाओं में चौड़ी सडक़ें, बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं होंगी।
पर्यावरण अनुकूलन शहरी ढांचा तैयार किया जाएगा। हरित विकास पर अधिक जोर रहेगा। इतना ही नहीं भूमि स्वामियों के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करने वाली एक पारदर्शी और सुव्यवस्थित नीति होगी जिसे उनका भविष्य भी संवरेगा। जीडीए वीसी नंदकिशोर कलाले के मुताबिक जीडीए का संकल्प है कि गाजियाबाद को एक स्मार्ट और सतत शहर के रूप में स्थापित करना, जहां हर नागरिक को बेहतर जीवनशैली और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सके।