नई दिल्ली (युग करवट)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन में शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने डिफेंस इंडिया स्टार्ट-अप चैलेंज के 14वें संस्करण की शुरुआत की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज 100 से अधिक चुनौतियों के साथ डिफेंस इंडिया स्टार्ट-अप चैलेंज का 14वां संस्करण भी शुरू किया गया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य छोटे उद्योगों को रक्षा निर्माण की सप्लाई चेन से जोडऩा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि जब छोटे उद्योग बड़े रक्षा कार्यक्रमों का हिस्सा बनेंगे, तभी देश में नई खोज और तकनीक की रफ्तार तेज होगी। आज पूरी दुनिया इन संघर्षों को देख रही है। इनसे यह साफ हो गया है कि भविष्य की लड़ाइयों में ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक की भूमिका सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होने वाली है। इसलिए भारत को ड्रोन निर्माण के क्षेत्र में एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना होगा, जिसमें हम पूरी तरह आत्मनिर्भर हों। आत्मनिर्भरता सिर्फ अंतिम उत्पाद तक सीमित नहीं होनी चाहिए। हमें ड्रोन के हर पुर्जे को भारत में ही बनाना होगा। ड्रोन का ढांचा (मोल्ड), सॉफ्टवेयर, इंजन और बैटरी सब कुछ स्वदेशी होना चाहिए।