संघ प्रमुख लखनऊ में
गाजियाबाद (युग करवट)। २०२७ विधानसभा चुनाव को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत पूरी तरह से सक्रिय हो गये हैं। वो प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर प्रवास करके जमीनी हकीकत का आंकलन कर रहे हैं। दरअसल जिस तरह उत्तर प्रदेश में यूजीसी और ब्राह्मïणों को लेकर माहौल चल रहा है वो भाजपा के लिए कहीं ना कहीं नुकसान देने वाला है। उधर, दिल्ली और लखनऊ के बीच तनातनी कम होने के बजाय और बढ़ गई है। अब मुख्यंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली दौरे भी कम हो गये है। मुख्यमंत्री भी २०२७ के चुनाव को लेकर काफी सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। संगठन और सरकार किस तरह और तालमेल बने इसको लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत लखनऊ के दौरे पर आये हैं। इस दौरान उन्होंने कई कार्यक्रमों में भाग लिया और वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उनकी लंबी मुलाकात रही। आपको बता दें कि कुछ समय पहलेे योगी आदित्यनाथ और संघ के बीच थोड़ी दूरियां बढ़ी थी क्योंकि दिल्ली वालों से निकटता बढ़ी थी लेकिन एक बार फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संघ प्रमुख से लगातार हो रही मुलाकात के बाद संघ एक बार फिर योगी आदित्यनाथ के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है यही कारण है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अब दिल्ली से ज्यादा लखनऊ में समय दे रहे हैं। संघ प्रमुख मोहन भागवत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच काफी देर तक मुलाकात चली और संगठन और सरकार के बीच किस तरह और मजबूत तालमेल हो इस पर चर्चा हुई। वहीं संघ प्रमुख ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त किया। दरअसल, जिस तरह यूपी में कानून व्यवस्था है और मुख्यमंत्री जिस तरह काम कर रहे हैं इससे संघ काफी प्रभावित है। यूपी में यूजीसी और ब्राह्मïणों की नाराजगी को लेकर भी संघ प्रमुख के साथ चर्चा हुई है। अवैध घुसपैठियें और घर वापसी को लेकर भी चर्चा हुई है। वहीं कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई जिनमें २०२७ विधानसभा चुनाव किस तरह से जीता जाए और कैसे ब्राह्मïणों की नाराजगी दूर की जाए। कैसे समाजवादी पार्टी के पीडीए कार्ड की काट हो इस पर भी चर्चा हुई है। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसकी किसी ने पुष्टिï नहीं की है लेकिन चर्चा यही है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी किस तरह उनके साथ सरकार के लोग, संगठन के लोग सहयोग नहीं कर रहे हैं इससे भी संघ प्रमुख को अवगत कराया। संघ प्रमुख के लखनऊ प्रवास के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा १८ जनवरी को प्रयागराज में जिन ब्राह्मïणों की पिटाई की गई थी उनका सम्मान और तिलक लगाना भी इस बात का संकेत है कि कहीं ना कहीं ये टाइमिंग भी एक सोची -समझी रणनीति का हिस्सा है। वहीं मुख्यमंत्री के बाद दोनों उपमुख्यमंत्री ने भी संघ प्रमुख से मुलाकात की। विस्तृत खबर पृष्ठ नंबर चार पर।