जलवा है बरकरार
गाजियाबाद (युग करवट)। गाजियाबाद के पूर्व सांसद एवं मिजोरम के राज्यपाल वीके सिंह का अपना एक हमेशा रहने वाला प्रोटोकॉल है। देश के सेनाध्यक्ष रहे वीके सिंह एवं उनके परिवार को हम हमेशा एक प्रोटोकॉल मिलता रहेगा।
गाजियाबाद का ये सौभाग्य था कि देश का जनरल रहा व्यक्ति गाजियाबाद में दो बार सांसद रहे और २००९ से गाजियाबाद सीट हमेशा वीवीआईपी रही। २००९ में देश के रक्षामंत्री एवं लोगों के दिलों में राज करने वाले राजनाथ सिंह यहां से सांसद बने। राजनाथ सिंह आज भी गाजियाबाद के लोगों से उसी तरह जुड़े हैं जैसे वो बतौर सांसद जुड़े थे। २०१४ से लेकर २०२४ तक गाजियाबाद का प्रतिनिधित्व करने वाले जनरल वीके सिंह आज भी गाजियाबाद से जुड़े हुए हैं। राजनीति में उतार-चढ़ाव चलते रहते हैं। लोगों को लगता था कि शायद गाजियाबाद से टिकट करने के बाद वीके सिंह हमेशा के लिए यहां से दूर हो जाएंगे और जो प्रोटोकॉल उनका था वो संभवत: नहीं होगा। लेकिन ऐसा हो ना सका। पहले से ज्यादा प्रोटोकॉल बढ़ गया और लोगों से उनका प्यार उसी तरह बना हुआ है जैसे ृ२०१४ में शुरू हुआ था।
अभी दो दिन पहले वीके सिंह की मुलाकात लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई। शाम को साढ़े सात बजे वीके सिंह लखनऊ एयरपोर्ट उतरे उनके साथ उनके ओएसडी कुलदीप चौहान भी थे।
एयरपोर्ट पर उतरने पर उनको जिस तरह प्रोटोकॉल मिला उसको देखकर उनका स्टाफ भी हैरान रह गया। लखनऊ एयरपोर्ट से लेकर मुख्यमंंत्री के सरकारी आवास तक पूरे लाव-लश्कर के साथ जनरल वीके सिंह पांच कालिदास मार्ग पहुंचे। मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर वीके सिंह ढाई घंटे रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मिजोरम के गर्वनर वीके सिंह ने रात्रि भोज भी किया। इस दौरान कई अहम मुद्दो पर एवं गाजियाबाद को लेकर भी मुख्यमंत्री के साथ चर्चा हुई। पूर्व सांसद वीके सिंह ने गाजियाबाद के विकास को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा की। दरअसल आज भी विकास कार्यों को लेकर जनरल वीके सिंह अपने स्तर पर गाजियाबाद में किस तरह और कार्य हों इसको लेकर अफसरों के साथ मंथन करते रहते हैं। उनका प्रयास रहता है कि दस साल में लोगों ने जो उनको स्नेह दिया, सम्मान दिया उसका वो हक किसी तरह उतार सके। बताते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जनरल वीके सिंह की हर बात को बहुत गंभीरता के साथ लेते हैं क्योंकि वीके सिंह का अपना एक व्यक्तित्व है और वो हमेशा समाज के उत्थान की सोच रखते हैं। इसी कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उनके अच्छे रिश्ते हैं।