यूपी की सियासत
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर एक बार फिर संघ के बड़े नेताओं ने इस बात का अहसास करा दिया है कि वो पूरी तरह से योगी आदित्यनाथ के साथ हैं। दरअसल, यूपी और दिल्ली के बीच काफी समय से हवा ठीक नहीं चल रही है। सोशल मीडिया पर योगी और दिल्ली के बीच रिश्तों को लेकर खूब खबरें वायरल होती हैं, इससे अलग संदेश कार्यकर्ताओं के बीच जाता है। हालांकि तमाम कोशिश के बाद भी दिल्ली वाले महाराज जी के बारे में कुछ नकारात्मक नहीं सोच पा रहे हैं और वहीं योगी आदित्यनाथ हर दिन मजबूत स्थिति के साथ आगे बढ़ रहे हैं। बीच-बीच में खबर आती है कि योगी आदित्यनाथ को हटाया जा रहा है। उन्हें दिल्ली बुलाया जा रहा है और कई तरह की खबरें भी चलती रहती हैं। जब-जब दोनों उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्या दिल्ली जाते हैं तो ये खबरें और तेजी के साथ वायरल होती है कि अब यूपी में बहुत कुछ बड़ा होने वाला है लेकिन दो साल से कुछ नहीं हो रहा है। दिल्ली वालों के कहने के बाद भी अभी तक यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार तक नहीं हो रहा है। हालांकि चर्चाएं आज वैसी ही हैं। लेकिन बस चर्चाओं तक ही सबकुछ सीमित है। अब इस बीच आरएसएस की एक बैठक में कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में कोई गलत बयानबाजी करेगा तो वो सीधे तौर पर बगावत मानी जाएगी। इतना ही नहीं संघ की बैठक में २०२७ का विधानसभा चुनाव योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लड़ा जाएगा इस पर भी चर्चा हुई है। आगे भी २०२७ में योगी आदित्यनाथ ही मुख्यमंत्री होंगे इसको लेकर भी आरएसएस ने अपनी बैठक में हरी झंडी दी है। हालांकि ये सबकुछ अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है लेकिन संघ की बैठक से जो खबरें छन-छनकर बाहर आ रही है उनका सार यही है कि संघ पूरी तरह से अब एक बार फिर योगी आदित्यनाथ के साथ खड़ा है। दरअसल, बीच में दिल्ली वालों ने योगी आदित्यनाथ को लेकर संघ को अपनेे पक्ष में कर लिया था। इसलिए इस बात की चर्चा ज्यादा हो रही थी कि अब संघ महाराज के साथ नहीं है। इसलिए दिल्ली वाले कोई कदम उठा सकते हैं। लेकिन दिल्ली वालों ने पहले प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और फिर राष्टï्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नियुक्ति को लेकर संघ को विश्वास में नहीं लिया इसलिए संघ अब अपनी ताकत दिखाने के लिए फिर सक्रिय है। दरअसल, संघ के बिना भाजपा कभी सत्ता में नहीं आ सकती इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता और २०२४ का लोकसभा चुनाव का परिणाम सभी के सामने है। जय हिंद