नोएडा (युगकरवट)। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन का कॉउन डाउन शुरू हो गया है। 28 मार्च को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। उन्होंने ही 4 वर्ष पूर्व इसका शिलान्यास किया था। एयरपोर्ट निर्माण का पहला चरण पूरा होने के बाद यहां 3.9 किलोमीटर का रनवे बनकर तैयार है। इस विशालकाय रनवे पर विमान समानांतर रूप से एक साथ उड़ान भरेंगे और लैंडिंग करेंगे।
45 मीटर चौड़ाई वाले रनवे में आईएलएस तकनीकि के अत्याधुनिक सिस्टम कैट थ्री का इस्तेमाल किया जाएगा। जिससे समानांतर उड़ानों में कोई परेशानी नहीं आएगी। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के एसीईओ और एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि देश में इस समय सिर्फ मुंबई और दिल्ली एयरपोर्ट पर ही समानांतर उड़ान की सुविधा है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर चार रनवे हैं, जो एक साथ कई उड़ानें और लैंडिंग संभालने में सक्षम हैं। अक्सर यहां पर समानांतर लैंडिंग होती है। उन्होंने बताया कि मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी समानांतर उड़ान व लैंडिंग की सुविधा है। इन दोनों के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का तीसरा हवाई अड्डा होगा, जहां पर लोगों को यह सुविधा मिलने वाली है। आईएलएस सिस्टम होने से खराब मौसम में भी विमानों की उड़ान और लैंडिंग में कोई परेशानी नहीं आएगी।