हाउस टैक्स को लेकर होनी थी चर्चा, मेयर बोलीं जनता के हितों का रहेगा पूरा ख्याल
गाजियाबाद (युग करवट)। हाउस टैैक्स को लेकर लगातार बयानबाजी चल रही है लेकिन अभी तक कोई भी रिजल्ट सामने नहीं आया है। क्योंकि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। हालांकि मेयर श्रीमती सुनीता दयाल ने जनता के हितों का ख्याल रखते हुए ३० जून को ही आपात बैठक बुलाकर हाउस टैक्स बढ़ोतरी के प्रस्ताव को रद्द कर दिया था। वो पहले दिन से ही बढ़े हुए टैक्स के खिलाफ हैैं।
लगातार मीडिया में उनके बयान भी टैक्स को लेकर आते रहे हैं जिसमें उन्होंने साफतौर पर कहा कि शहर में हर सम्पत्ति का सर्वे होने के बाद ही नया टैक्स लागू होगा और कोई भी बढ़ा हुआ टैक्स जनता जमा ना करें। लेकिन अधिकारी फिर भी बढ़े हुए टैक्स के नोटिस भेजते रहे। एक बार फिर महापौर ने सख्ती के साथ अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बढ़े हुए टैक्स के नोटिस जारी ना करें। जनता से भी मेयर ने अपील की कि वो पुराने दरों वाले टैक्स जमा करें लेकिन यहां पर मामला हाईकोर्ट में चला गया तो फिर स्थिति जस की तस बन गई। मेयर ने एक बार फिर हाउस टैक्स व विकास कार्यों को लेकर दो फरवरी को नगर निगम की बोर्ड बैठक बुलाने की घोषणा की थी लेकिन क्योंकि लोकसभा चल रही है। एसआईआर का काम चल रहा है इस कारण दो फरवरी की बैठक स्थगित कर दी गई वहीं हाउस टैक्स को लेकर तीन फरवरी की तारीख हाईकोर्ट में लगी हुई है। उम्मीद है कि तीन फरवरी को कुछ रिजल्ट आ सकता है वरना फिर हर बार की तरह वकील पेश नहीं होंगे और तारीख पर तारीख लगती रहेगी। आज महापौर श्रीमती सुनीता दयाल ने बातचीत में बताया कि उन्होंने बैठक हाउस टैक्स एवं अन्य शहर में विकास कार्य और तेजी के साथ हों इसको लेकर बैठक बुलाई थी लेकिन हाउस होने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया है। उनका कहना है कि यूपी में भी सदन की कार्यवाही होना है, उनका प्रयास रहेगा कि 13 फरवरी से पहले बैठक बुला ली जाए।
उन्होंने कहा कि बैठक नियमित रूप से होना चाहिए ताकि शहर में किस तरह विकास होना है और कितना विकास हो चुका है इस पर बैठक में चर्चा होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि वो लगातार आगे भी अब बैठकें करती रहेंगी ताकि शहर के विकास में और तेजी आये। उन्होंने कहा कि वो पहले दिनसे ही हाउस टैक्स को लेकर जनता के साथ खड़ी हैं और किसी पर भी टैक्स का बोझ नहीं पडऩे दिया जाएगा।