योगी मंत्रिमंडल का विस्तार
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव २०२७ के मद्देनजर अब भाजपा हाईकमान ने योगी मंत्रिमंडल का विस्तार का पूरी तरह से मन बना लिया। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक तीन बार बैठकें हो चुकी हैं और संभावना जताई जा रही है कि १५ अप्रैल तक मंत्रिमंडल के विस्तार को अमलीजामा पहना दिया जाएगा। अब देखना ये होगा कि १५ अप्रैल के बाद कौन-कौन पूर्व मंत्री की श्रेणी में आएगा क्योंकि ये मंत्रिमंडल का विस्तार केवल विस्तार नहीं है बल्कि २०२७ के विधानसभा चुनाव जीतने की एक बिसात है। उसी हिसाब से गोटियां फिट की जाएंगी। विस्तार में सामाजिक और जातिगत समीकरणों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस मंत्रिमंडल विस्तार में वर्तमान कुछ मंत्रियों के पर भी कतरे जाएंगे, कुछ को बाहर का रास्ता भी दिखाया जाएगा और सोशल इंजीनियरिंग के हिसाब से नये चेहरों को भी मौका दिया जाएगा। कुछ मंत्रियों के विभाग भी बदले जाएंगे। भाजपा हाईकमान के उच्च पद पर बैठे सूत्रों पर भरोसा करें तो १५ अप्रैल के आसपास विस्तार हो जाएगा। यही कारण है कि दावेदारों ने दिल्ली के चक्कर लगाना शुरू कर दिये हैं। वहीं कुछ मौजूदा मंत्रियों का रिकॉर्ड भी ठीक नहीं है। हाईकमान ने गुप्त तरीके से कुछ मंत्रियों के कार्यों की समीक्षा कराई थी उनका रिजल्ट अच्छा नहीं आया, उनकी भी विदाई तय है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का ख्याल इस मंत्रिमंडल में रखा जाएगा, ऐसी भी चर्चाएं हैं। त्यागी, गुर्जर और जाट समाज को इस मंत्रिमंडल के विस्तार में स्थान दिये जाने की संभावना है। हालांकि नये फार्मूले के अनुसार हर जिले से एक मंत्री बनाये जाने की बात कही गई है। लेकिन ये फार्मूला क्या वास्तव में लागू होगा ये भी देखने वाली बात है। वहीं मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ ही निगमों में एवं अन्य संस्थानों में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्रियों के पद पर निष्ठावान कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की भी तैयारी चल रही है। ताकि २०२७ का विधानसभा चुनाव आसानी से जीता जाए और भाजपा हैट्रिक लगाने में सफल रहे। अंदरखाने कई बातों को लेकर कार्यकर्ता नाराज है उनकी नाराजगी भी दूर करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है, जिसकी झलक आगे दिख सकती है। जय हिंद