नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। राष्टï्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण होने पर कविनगर रामलीला मैदान में हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति द्वारा हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया।
सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए स्वामी दीपांकर ने कहा कि हिंदुओं को जातियां छोड़ करके एक रहना चाहिए जिस प्रकार मुस्लिम का बच्चा मुस्लिम, क्रिस्चियन का बच्चा क्रिस्चियन, उसी प्रकार हिंदू का बच्चा हिंदू होना चाहिए ना कि जाट, गुर्जर, त्यागी बनिया आदि । विदेशियों का यही उदद्ेश्य रहा है कि जिसे तलवार से नहीं काटा जा सकता उसे जातियों में बांट दो। लेकिन अब हिंदू एक है एक रहेगा और हिंदू होने पर हमें गर्व है हिंदुओं को संगठित करने का काम प्रत्येक हिन्दू का है अगर बंटोगे तो काटोगे इसलिए जातिवाद को भूलकर के सिर्फ़ हिंदू बनें। आध्यत्मिक गुरू पवन सिन्हा ने कहा कि भारत अगर विश्वगुरु बनता है तो पूरे विश्व में शांति हो जाएगी हमारे अंदर वीरता की कमी नहीं है बल्कि योजना की कमी है आज हिन्दू संगठित हो रहा है। जीवन ऋषि महाराज ने कहा जीवन का सबसे बड़ा संकट भीतरी उदासीनता है। शरीर में खून के साथ-साथ संस्कार बहना चाहिए। धर्म मंदिरों में नहीं, अपने समाज में दिखना चाहिए। हमें अपने राष्ट्र को मज़बूत करना चाहिए और हिंदू होने पर गर्व करना चाहिए। इनके अलावा अरविंद ओझा, नवनीत प्रिय दास ने भी सम्मेलन को सम्बोधित किया। मुख्य वक्ता आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख पदम ने कहा कि सभी हिंदुओं को संगठित किया जाए जो विभिन्न जातियों में बंटा है। उन सभी को इन सम्मेलनों के जरिए एकजुट करना है। सम्मेलन में कवियत्री अंजू जैन, ओज के कवि कमल आग्नेय ने भी सनातन धर्म, हिन्दुत्व पर कविता पाठ किया। तो वहीं धार्मिक और राष्ट्र प्रेम से ओतप्रोत सांस्कृतक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया । सम्मेलन को सफल बनाने में आयोजन समिति के अध्यक्ष ललित जायसवाल, सचिव डॉ.अतुल जैन सहित टीम का सहयोग रहा। कार्यक्रम में मीडिया प्रभारी अजय जैन, राजकुमार, मनोज गोयल, प्रवीण गर्ग, जयप्रकाश अग्रवाल, बीके ढाढनिया, दीपाली जैन, साधना जैन, जितेन्द्र गुप्ता, सुभाष चंद्र, मुनीश गोयल, विकास बिंदल, प्रदीप गुप्ता, सरदार एसपी सिंह, अश्वनी गोयल, कैप्टन सुबोध गुप्ता, सोनू प्रकाश, सुशील शर्मा, अजय गुप्ता, आलोक गर्ग, डॉ.दिनेश अरोड़ा, दिनेश गर्ग, निर्मल, डॉ.हरीश गुप्ता, प्रदीप गर्ग, प्रीति मित्तल, मुकेश सिंघल आदि मौजूद रहे।