गाजियाबाद (युग करवट)। हाउस टैक्स को लेकर दैनिक युग करवट अखबार में प्रमुखता से शीर्षक ‘अफसरों की जिदद-मूछों की लड़ाई में फंसी महापौर’ खबर पर पूर्व पार्षद हिमांशु मित्तल ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि हमारी कोई मूछों की लड़ाई नहीं हैं। हम जनता के साथ हैं और हम जनता के हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमने जून से पहले मई माह में ही हाईकोर्ट में वाद दायर कर दिया था। उसके बाद तीस जून को नगर निगम ने बैठक बुलाकर प्रस्ताव को पास करा दिया। लेकिन इस बोर्ड बैठक के मिनट्स जारी नहीं किए गए। पार्षदों द्वारा धरना दिया गया। उसके बाद हाईकोर्ट से फटकार लगने के बाद ही मिनट्स जारी किए गए। पूर्व पार्षद ने कहा कि अगर बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कर दिया गया था, तो उसे लागू क्यों नहीं किया गया। क्यों जनता के हित में बढ़ा हुआ टैक्स वापस नहीं किया गया। क्यों मिनट्स जारी करने में इतनी मशक्कत की गई। हम सिर्फ जनता के लिए ही हाईकोर्ट गए थे और आज भी हमारी किसी के साथ कोई मूछों की लड़ाई नहीं हैं बल्कि जतना के लिए हम यह लड़ाई लड़ रहे हैं। ताकि जनता पर बढ़े हुए टैक्स का बोझ न पड़े।