जंतर-मंतर प्रदर्शन
मोदी सरकार के खिलाफ जंतर-मंतर पर लगातार कई माह से प्रदर्शन की शुरूआत हुई थी। रातोंरात एक पार्टी कॉकरोच पार्टी का जन्म होता है और फिर हजारों की संख्या में लोग दिल्ली में जमा हो जाते हैं और एक नई आवाज जेन-जी के रूप में हुई। ये सबकुछ क्या एकदम हो गया इस पर भी अब चर्चा होने लगी है। दीपके कहां से आये और कहां थे ये भी चर्चा का विषय है। इसमें भी कोई दोराय नहीं कि भाजपा के अंदर सबकुछ ठीक नहीं है। भाजपा में शीर्ष नेतृत्व के अंदर भी कई गुट बने हुए हैं। सरकार के मंत्रियों में भी एकता नहीं है। कई मंत्री अमित शाह जी के निशाने पर हैं लेकिन जिस तरह आंदोलन चल रहे हैं सरकार उसको लेकर पहले निपटाना चाहती है इस बीच जो खबरें आ रही हैं वो भी दिल्ली वालों के लिए ठीक नहीं है। चर्चा है कि कॉकरोच पार्टी को किसी बड़े मंत्री के बेटे ने आर्थिक मदद की है। ये केंद्रीय मंत्री पहले से ही प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से नाराज चल रहे हैं और ये दोनों भी इन केंद्रीय मंत्री से खुश नहीं है। अपने बेटे की कंपनी को लेकर केंद्रीय मंत्री कई माह से खुद भाजपा हाईकमान के निशाने पर हैं। सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर भरोसा करें तो इन केंद्रीय मंत्री के बेटे ने ठीक-ठाक आर्थिक मदद की। आने वाले दिनों में कोई बड़ा खुलासा हो सकता है। ये भी संभावना है कि इन केंद्रीय मंत्री को मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार में घर बिठा दिया जाए। हालांकि ये मंत्री नागपुर के काफी निकट हैं इसलिए इन पर अभी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का ये बयान कि उनके सम्पर्क में दो सौ अफसर हैं ये भी बड़ा चौंकाने वाला है। अगर ये कहा जाए कि घर के भेदी ही लंका ढाह रहे हैं तो गलत नहीं होगा। तीसरी आंख ने देखा कि अब अंदरखाने सरकार के ही कुछ लोग विपक्ष के सम्पर्क में हैं और यही कारण है कि ये आंदोलन लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ ऐसे दस्तावेज भी संभवत: विपक्ष के हाथ लगे होंगे जिसके बल पर वो इस बात का दावा कर रहे हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जाना ही पड़ेगा। आंदोलन में कितनी सफलता मिलती है ये तो एक अलग विषय है लेकिन एक बात तय है कि कहीं ना कहीं आम आदमी में इस बात को चर्चा होने लगी है कि कुछ तो गड़बड़ हैं। अगर कुछ खुलासे हुए तो ये कुछ गड़बड़ बड़ी गड़बड़ बनकर सामने आ सकती है। वैसे भी 2027 का विधानसभा चुनाव का माहौल शुरू हो गया है और ऐसे में कुछ गड़बड़ है वाली कहावत विपक्ष के लिए जरूर संजीवनी बूटी साबित हो सकती है। जय हिंद