गाजियाबाद (युग करवट)। सदर तहसील परिसर में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब सब रजिस्ट्रार और अधिवक्ताओं के बीच कहासुनी ने तीखा रूप ले लिया। विवाद इतना बढ़ गया कि नाराज अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में तालाबंदी कर दी, जिससे कामकाज पूरी तरह ठप हो गया और आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। तहसीलदार संगठन के अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा, सचिव दीपक वैष्णय, उपाध्यक्ष विजय कसाना, वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर तेवर सिंह, वेदपाल कुशवाहा, रामानंद गोयल, दीपक शर्मा, आरके सिंह सहित एक दर्जन से अधिक अधिवक्ता अपनी समस्याओं को लेकर सब रजिस्ट्रार त्रीनएक सिंह के कार्यालय पहुंचे थे। अधिवक्ताओं का कहना है कि वह रजिस्ट्री प्रक्रिया में आ रही तकनीकी व प्रशासनिक दिक्कतों के समाधान के लिए वार्ता करना चाहते थे। वरिष्ठ नेता एवं बैनामा लेखक रामानंद गोयल ने बताया कि बातचीत के दौरान अधिकारी का रवैया सहयोगात्मक नहीं था। आरोप है कि सब रजिस्ट्रार ने न केवल अधिवक्ताओं से दुव्र्यवहार किया, बल्कि यह भी कह दिया कि उनके पास समस्याओं का कोई समाधान नहीं है और भविष्य में ऐसी शिकायतें लेकर न आया जाए। इस टिप्पणी के बाद माहौल गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। बहस बढऩे पर अधिवक्ताओं ने नारेबाजी की और तहसील परिसर में तालाबंदी कर दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से रजिस्ट्री और अन्य राजस्व कार्य प्रभावित हो गए। कई लोग, जो जमीन की खरीद-फरोख्त या अन्य दस्तावेजी कार्यों के लिए पहुंचे थे, घंटों इंतजार करते रहे। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है और स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।