दोनों गैंग में हो चुकी है कई बार मुठभेड़
एडवरटाईजिंग के कारोबार पर वर्चस्व के लिये मिला नेताओं का संरक्षण
प्रमुख अपराध संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। पुलिस आयुक्त जे रविंदर गौड की स्वॉट टीम के प्रभारी निरीक्षक की टीम ने जिस शातिर बदमाश और २५ हजार के ईनामी वांछित अभियुक्त जलवीर उर्फ जल्लू के पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया उसके ऊपर जहां विभिन्न थानों में एक दर्जन से अधिक संगीन वारदातों के अभियोग पंजीकृत हैं वहीं उसने कुछ दिन पहले ही सीकरी गांव के पास मोदीनगर थाने के हिस्ट्रीशीटर राहुल उर्फ कालू पर अपने कई साथियों के साथ गोलियां बरसाकर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली थी। बाहराल पुलिस ने राहुल उर्फ कालू की हत्या का प्रयास करने वाले मुख्य अभियुक्त जलवीर उर्फ जल्लू को तो उसके साथी जतिन शर्मा के साथ गिरफ्तार कर लिया लेकिन इस एंकांउटर के बाद मोदीनगर क्षेत्र में यह चर्चा भी होने लगी कि जलवीर उर्फ जल्लू व राहुल उर्फ कालू किन नेताओं का राजनैतिक संरक्षण पाकर दुर्दांत अपराधी बन गये। यह बात उस समय चर्चा में आई कि जब राहुल उर्फ कालू पर हुए जानलेवा हमले के बाद जहां एक कदï्दावर नेता गोली बरसाने वालों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट लिखवाने और हमलावरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करवाने की फिराक में लग गया वहीं जलवीर उर्फ जल्लू को संरक्षण देने वाले नेता उसे व उसके साथियों को बचाने की जुगत में लग गया। अगर लोगों में हो रही चर्चा पर विश्वास करेंतो इन दोनों बदमाशों के गैंग को कई राजनेताओं का संरक्षण प्राप्त हैं। लोगों में हो रही चर्चा के दौरान जो बात सामने आ रही है उससे पता चला है कि राजनेताओं ने इन दोनों बदमाशों के गिरोहों को इसलिये संरक्षण दिया क्योंकि वो दोनों एडवरटाईजिंग यानि एड वाले होर्डिंग्स लागने से होने वाली मोटी कमाई और सोने का अंड़ा देने वाली जमीनों की खरीद फरोख्त और जमीन पर कब्जा करने वाले काले कारोबार पर वर्चस्व कायम करना चाहते हैं।
नेताओं की इस चाह के कारण जहां जलवीर उर्फ जल्लू एवं राहुल उर्फ कालू के गिरोह न केवल एक दूसरे के खून के प्यासे हो गये बल्कि अपने अपने गैंग का आंतक कायम करने के लिये ये दोनों बदमाश अपने साथियों के साथ मिलकर ताबड़तोड़ तरीके से जमीन हथियाने, खून बहाने, रंगदारी मांगने और लोगों को धमकाने जैसे संगीन अपराधों को अंजाम देकर पुलिस के लिये चुनौती व आमजनों के लिये आतंक का प्राय बन गये। लोगों का तो यह भी कहना है कि सीकरी गांव के पास ढ़ाबे पर राहुल उर्फ कालू पर हुए जानलेवा हमले के बाद अब एक बार फिस से इन दोनों गिरोहों के बीच खूनी गैंगवार के चांस बढ़ गये हैं।
इस बात को देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस भी अलर्ट मोड पर आकर इन दोनों गिरोहों के लीडर व सदस्यों को उनके सही अंजाम तक पहुंचाने की कवायद में लग गई है। अब देखना यह है कि क्या पुलिस इन दोनों गिरोहों की नाक में नकेल डालने में सफल होती है अथवा ये दोनों गैंग एक दूसरे के सदसयों के अलावा आमजनों के साथ खूनी होली खेते हुए दिखाई देंगे। खैर इसका उत्तर तो भविष्य के गर्भ में छुपा हुआ है।