गाजियाबाद (युग करवट)। अखिल भारतवर्षीय ब्राहम्ण महासभा ने यूजीसी के नए कानून के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस कानून को वापस लेने की मांग की। उन्होंने इसे समाज में असंतुलन पैदा करने वाला काला कानून बताया। अखिल भारतवर्षीय ब्राहम्ण महासभा के महानगर अध्यक्ष नीरज कौशिक ने कहा कि यूजीसी का नया कानून उच्च शिक्षा संस्थानों में सामाजिक समरसता को प्रभावित कर सकता है। उनका कहना था कि यह कानून बिना सभी वर्गों से समुचित विमर्श किए लागू किया जा रहा है। जिससे भविष्य में छात्रों के बीच भेदभाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा केंद्रों को शोध एवं शिक्षा का केंद्र बनाने के लिए सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार आवश्यक है। धरना समाप्त होने के बाद, स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में यूजीसी के नए कानून को तत्काल निरस्त करने, उच्च शिक्षा में सामाजिक संतुलन बनाए रखने और सभी वर्गों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। प्रदर्शन में अखिल भारतवर्ष वर्षीय ब्राहम्ण ब्राह्म्ण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीडी शर्मा, महामंत्री शिव मोहन भारद्वाज, हुकुमचंद शर्मा, प्रमोद हितैषी व जिला अध्यक्ष बुद्ध प्रकाश शर्मा, महानगर अध्यक्ष नीरज कौशिक, लोकेश कौशिक , मनोज तिवारी,पंडित संजीव शर्मा, संजय शर्मा, पंडित विजेंद्र शर्मा, मनोज शर्मा , राजपाल शर्मा, हरेंद्र मिश्रा, कृष्ण तिवारी, जयप्रकाश अवस्थी , प्रेमपाल शर्मा, पारस कौशिक, राजकुमार शर्मा, दिनेश शर्मा, सुरेश पाराशर आदि उपस्थित रहे