नई दिल्ली (युग करवट)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए 200 से अधिक सांसदों ने एक नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे संसद के किसी एक सदन को सौंपा जा सकता है। विपक्षी नेताओं ने ज्ञानेश कुमार पर सात आरोप लगाए गए हैं। लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 सांसदों ने एक नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की गई है। विपक्ष के एक नेता ने कहा कि सांसदों ने नोटिस पर हस्ताक्षर करने में काफी उत्साह दिखाया है। आवश्यक संख्य पहले ही पूरी हो जाने के बावजूद कई सांसद इस नोटिस पर हस्ताक्षर करने के लिए आगे आए। नियम के मुताबिक, सीईसी को पद से हटाने के लिए लोकसभा के कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर होने जरूरी हैं। वहीं, राज्यसभा के 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी हैं। सूत्र ने बताया कि नोटिस पर इंडिया ब्लॉक के राजनीतिक दलों के सदस्यों ने हस्ताक्षर किए। आम आदमी पार्टी के सांसदों ने भी इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं, जबकि आप अब इंडिया ब्लॉक का हिस्सा नहीं है। यह पहली बार है, जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए नोटिस दिया जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ पद पर रहते हुए पक्षपाती और भेदभावपूर्ण आचरण से लेकर चुनावी धोखाधड़ी की जांच में जानबूझकर बाधा डालने और बड़े पैमाने पर लोगों को मताधिकार से वंचित करने जैसे आरोप शामिल हैं। विपक्ष दल कई बार मुख्य चुनाव आयुक्त पर आरोप लगा चुके हैं कि वह सत्तारूढ़ भाजपा की मदद करते हैं।

खासकर जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में। इसके बारे में उनका आरोप है कि इसका मकसद भाजपा की मदद करना है।