आखिरकार क्यों हो रही है ऐसी घटनाएं
आखिरकार कुछ ऐसी घटनाएं हो रही हंै जिनसे मानवता शर्मसार हो रही है। भाई का भाई दुश्मन हो रहा है, शब्दों के तीर चल रहे हैं, सबसे ज्यादा शब्दों के तीर घाव करते हैं, दिल्ली के उत्तमनगर में होली के दिन जो घटना हुई वो सभ्य समाज के ऊपर एक कलंक है। नौजवान तरुण को भीड़ ने मार दिया। बताया जाता है कि एक मुस्लिम महिला पर गुब्बारे के बाद ये घटना हुई। हालांकि ये भी कहा जा है कि ये घटना पुरानी रंजिश में हुई। घटना का कारण अगर होली का रंग है तो वास्तव में ये बहुत बड़ी निदंनीय घटना है। हर त्योहार सौहार्द का संदेश देता है। होली तो ऐसा त्योहार है जिसके रंग में रंगने के बाद जाति-धर्म सब कुछ भूल जाता है। तरुण की हत्या होली के दिन की गई। आरोप मुस्लिमों पर है। आखिरकार अगर रंजिश में भी हत्या की बात है तो किसी के त्योहार पर उसकी हत्या करना एक सभ्य समाज पर कलंक है। कोई भी धर्म इस बात की इजाजत नहीं देता। मुस्लिमों के रमजान चल रहे हैं ऐसे में तो जब पहले जंग हुआ करती थी तो वो भी बंद हो जाया करती थी। फिर एक युवक की हत्या कैसे कर दी। किसी का लाल आखिरकार क्यों छीन लिया गया। होली को बेरंग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि एक व्यक्ति घिनौनी हरकत करता है लेकिन पूरा समाज बदनाम होता है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं एक मौलाना अब्दुल सलीम द्वारा गोमाता को लेकर दिया गया बयान भी निदंनीय है। गोमाता की तुलना मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ की मां से करना इस बात को दर्शाता है कि आखिरकार ये किस तरह की मानसिकता है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि उत्तर प्रदेश में 83 मुकदमे मौलाना के खिलाफ दर्ज हो चुके हैं। अब मौलाना भी माफी मांग रहे हैं उनका कहना है कि ये दो साल पुराना वीडियो है और उनकी मंशा ये नहीं थी। पहले गाली और फिर माफी आखिरकार ये दोहरी सोच कब तक चलती रहेगी। देश में अमन और सौहार्द रहे तभी हमारा देश और मजबूत होगा। ऐसे लोगों को शर्म आना चाहिए जो इस तरह की घिनौनी हरकतें करते हैं और बयानबाजी करते हैं। जय हिंद