गाजियाबाद की मेयर सुनीता दयाल ने एक बार फिर घोषणा कर दी कि गाजियाबाद की जनता पर टैक्स की मार नहीं पड़ेगी। हाउस टैक्स की बढ़ी हुई दरें समाप्त कर दी गई हैं और पुरानी दरो से ही टैक्स वसूला जाएगा। इसके साथ ही मेयर सुनीता दयाल ने यह भी कहा है कि जब तक शासन स्तर से टैक्स को लेकर अधिकारिक पत्र नहीं आ जाता तब तक हाउस टैक्स जमा ना करें। नगर निगम में स्पष्टï बात यह है कि उनका साफ्टवेयर बढ़ी हुई दरों का ही बिल निकाल रहा है। इसको लखनऊ से ही सही किया जा सकता है।
फिर जब तक शासन से लिखित में कोई आदेश नहीं आ जाता तब तक तो स्थिति यथावत ही रहेगी। कुल मिलाकर बात यह है कि गाजियाबाद में नगर निगम के हाउस टैक्स को लेकर स्थिति एकदम साफ नहीं है। गाजियाबाद की जनता अभी भ्रम और असमंजस की स्थिति में है। बात तो यह भी कही जा रही है कि शासन से कोई आदेश आने में एक सप्ताह तक का समय लग सकता है। इस पर लोग सवाल कर रहे हैं कि यदि शासन से किसी बात पर सहमति बन गई है तो आदेश तत्काल लाया जा सकता था। मगर बात तो यह भी है कि प्रक्रिया में समय तो लगता है।
जब इतने महीने से दिक्कत झेल रहे हैं तो और आठ-दस दिन में क्या ही फर्क पड़ जाएगा। मेयर सुनीता दयाल को राजनीति का लंबा अनुभव है। वह कोई बात बिना किसी ठोस आश्वासन के कहेंगी नहीं। जनता को थोड़ा धैर्य रखना ही होगा। क्योंकि समस्या जितनी बड़ी है उसका समाधान भी स्थायी ही होना चाहिए। मेयर और नगर निगम के अधिकारियों का भी दायित्व है कि वह स्थिति को पूरी तरह से स्पष्टï करें। जनता के सवालों का उत्तर दें उन्हें संतुष्टï करें। क्योंकि जनता का एक डर यह भी है कि कहीं ऐसा ना हो जाए कि टैक्स की दर भी वही रह जाएं और भुगतान में देरी का दंड भी झेलना पड़ जाए।