भारतीय जनता पार्टी में संगठन के गठन की प्रक्रिया चल रही है। राष्टï्रीय और प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा हो चुकी है। अब राष्टï्रीय और प्रदेश की कमेटी का इंतजार है। साथ ही क्षेत्रीय अध्यक्ष, क्षेत्र की कमेटी और जिला कमेटी का भी भाजपा के कार्यकर्ता इंतजार कर रहे हैं। पश्चिम क्षेत्र के अनेक नेता अध्यक्ष पद की लालसा लिए बैठे हैं। नोएडा से लेकर सहारनपुर तक के भाजपा नेता क्षेत्रीय अध्यक्ष बनने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा का नेतृत्व पश्चिम क्षेत्र को लेकर बहुत संजीदा है। हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव में पश्चिम क्षेत्र में भाजपा का रिपोर्ट कार्ड अच्छा रहा था। मगर विधानसभा चुनाव में सपा-रालोद गठबंधन ने अच्छा प्रदर्शन किया। भाजपा को इस गठबंधन से नुकसान उठाना पड़ा था। इसीलिए भाजपा का ध्यान इस तरफ अधिक है। हालांकि अब रालोद भाजपा गठबंधन में हैं। जाहिर है अगामी चुनाव में रालोद भी पश्चिम क्षेत्र में सीटें चाहेगा। इस लिहाज से भी भाजपा पश्चिम क्षेत्र में संगठन के अधिक मजबूत करना चाहेगा। संभावना है कि होली के बाद ही भाजपा की कोई लिस्ट आएगी। महानगर कमेटी की घोषणा अप्रेल तक टल सकती है। भाजपा के जुड़े सूत्र बताते हैं कि क्षेत्रीय अध्यक्ष के चयन में जनप्रतिनिधियों से अलग संगठन महामंत्री की राय ज्यादा महत्वपूर्ण होगी। जिस पर उनकी नजरे इनायत हो जाएंगी उसे क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। भाजपा से जुड़े सूत्र बताते हैं कि पश्चिम क्षेत्र में इस बार जाट समाज के एक नेता को अध्यक्ष बनाने की तैयारी है। गाजियाबाद से लेकर मेरठ तक कई जाट नेता हैं जो पश्चिम क्षेत्र का अध्यक्ष बनने के लिए तैयार भी हैं और योग्य भी। हालांकि पश्चिम क्षेत्र में अध्यक्ष बनने के लिए अन्य समाज के लोग भी दौड़़ भाग कर रहे हैं। मगर उनके हाथ खाली रहने की ज्यादा संभावना है। जहां तक जिला एवं महानगर की बात है तो इस बार महानगर में तीन ही महामंत्री रखने पर चिार चल रहा है। अब तक महानगर में चार महामंत्री रहे हैं। इनमें भी एक दलित, एक ओबीसी और एक सवर्ण रख जाने पर मंथन चल रहा है। 21 सदस्यों वाली महानगर कमेटी में सात महिलाएं हो सकती हैं।