लोधी और कुर्मी समाज के बीच
एक विधायक ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक सप्ताह बाद मंत्री को बंधक बनाने के मामले में भाजपा हाईकमान ने महोबा के विधायक ब्रजभूषण राजपूत को नोटिस जारी किया है। विधायक को नोटिस जारी होने के बाद अब इस बात की भी चर्चा होने लगी है कि केवल विधायक को ही क्यों नोटिस जारी हुआ। मंत्री के खिलाफ भी कार्रवाई होना चाहिए। दरअसल, ये विवाद भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ा कर सकता है। क्योंकि भाजपा के लिए कुर्मी और लोधी दोनों अहमियत रखते हैं। ब्रजभूषण राजपूत लोधी समाज से आते हैं और स्वतंत्रदेव सिंह कुर्मी समाज से हैं। जाहिर है कि एक के खिलाफ कार्रवाई भाजपा के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है। कुर्मी और लोधी समाज के विधायक और सांसद भाजपा में सबसे अधिक हैं। नोटिस के बाद लोधी समाज भी अपनी ताकत दिखान में लग गया। कल लखनऊ में लोधी समाज का जातिय सम्मेलन हुआ जिसमें केंद्र के मंत्री बीएल वर्मा, यूपी के मंत्री धर्मपाल सिंह, सांसद एवं विधायक शामिल हुए। यहां भी शक्ति प्रदर्शन किया गया। यूपी में पंकज चौधरी प्रदेश अध्यक्ष हैं वो भी कुर्मी समाज से आते हैं। पूर्वांचल में इन दोनों समाज की अहम भूमिका चुनाव में रहती है। यूपी में विधानसभा की १२८ और लोकसभा की २७ सीटों पर इस समाज की अहम भूमिका रहती है। यूपी में ४० विधायक कुर्मी समाज से हैं जिसमें भाजपा के २७ समाजवादी पार्टी के १२ भाजपा और एक कांगे्रस का है। कुर्मी समाज के ११ सांसद हैं जिसमें सात समाजवादी पार्टी के हैं और तीन भाजपा के हैं और एक अपना दल के हैं। पांच विधानपरिषद के सदस्य कुर्मी समाज से हैं। यूपी में कुर्मी समाज से तीन कैबिनेट मंत्री हैं स्वतंत्रदेव सिंह, राकेश सचान और आशीष पटेल। एक राज्यमंत्री भी हैं संजय गंगवार। केंद्र में कुर्मी समाज से दो मंत्री हैं पंकज चौधरी और अनुप्रिया पटेल हैं। वहीं लोधी समाज की आबादी एक करोड़ दस लाख हैं। यूपी की ७० विधानसभा सीटों पर लोधी समाज की अहम भूमिका रहती है। १२ लोकसभा सीटों पर ये निर्णायक भूमिका में हैं। यूपी में लोधी समाज के २३ विधायक हैं जिसमें १९ भाजपा के हैं और ४ सपा के। तीन लोकसभा सांसद हैं जिसमें दो भाजपा के और एक समाजवादी पार्टी से हैं। यूपी कैबिनेट में लोधी समाज से तीन मंत्री हैं धर्मपाल सिंह, संदीप सिंह और एक अन्य। केंद्र में बीएल वर्मा लोधी समाज से मंत्री हैं। जाहिर है कि महोबा के विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने स्वतंत्रदेव सिंह का घेराव किया और फिर मुख्यमंत्री को भी घेरने की बात कही। एक सप्ताह बाद भाजपा हाईकमान ने ब्रजभूषण राजपूत को नोटिस दिया है वो डाक द्वारा भेजा गया है ऐसे में दोनों समाज के बीच अब भाजपा कैसे तालमेल बना पाएगी ये देखने वाली बात है। वैसे भी कुर्मी समाज से आने वाले पंकज चौधरी जो प्रदेश अध्यक्ष भी हैं उन्होंने ब्राह्मïण समाज की बैठक को लेकर जिस तरह से बयानबाजी की और नाराजगी जताई थी उससे ब्राह्मïण समाज बहुत नाराज है। अब कुर्मी और लोधी समाज के बीच जिस तरह माहौल चल रहा है चुनावी साल में भाजपा के लिए ये अच्छा संकेत नहीं है। जय हिंद