गाजियाबाद (युग करवट)। इन दिनों ऐसे मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं जिनके डाटा वर्तमान मतदाता सूची से मैच नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा नो मैपिंग वाले मतदाताओं को भी नोटिस भेजे जा रहे हैं। इन नोटिसों को लेकर बीएलओ को बड़ी संख्या में मतदाताओं की नाराजगी झेलनी पड़ रही है। बीएलओ ऐसे मतदाताओं से दस्तावेज जमा कराने की अपील कर रहे हैं तो दस्तावेज तो नहीं मिल पा रहे हैं, लेकिन उनके गुस्से का सामना करना पड़ रहा है।
नाम ने छापने की शर्त पर एक बीएलओ ने बताया कि मतदाता उनसे सवाल कर रहे हैं कि उन्हें नोटिस क्यों भेजे जा रहा है जबकि वह काफी समय से वोट कर रहे हैं, उसके बाद भी उन्हें दस्तावेज जमा कराने के लिए नोटिस भेज रहे हैं। यहां तक की कई मतदाता बीएलओ को देखते हुए दरवाजे तक बंद कर देते हैं।
हैरानी की बात यह है कि बीएलओ अपनी यह पीड़ा अपने सम्बंधित अधिकारियों को बता तो रहे हैं लेकिन उनकी सुनवाई वहां भी नहीं हो पा रही है। क्योंकि उनसे सिर्फ यहीं कहा जा रहा है, किसी भी तरह से मतदाताओं से दस्तावेज जमा कराकर सूची को दुस्रूत किया जाए। बीएलओ का कहना है कि डयूटी करने के बाद भी उन्हें विभाग और मतदाता दोनों की ही सुननी पड़ती है।

लेकिन इसका कोई समाधान नहीं है जिसकी वजह से कई बीएलओ काफी तनाव में हैं।