नई दिल्ली (युग करवट)। महिला आरक्षण कानून को जल्द से जल्द लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 2 अप्रैल को खत्म होने वाले संसद के बजट सत्र को पूरी तरह समाप्त करने के बजाय, 16 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। 16 अप्रैल से संसद फिर बैठेगी। सरकार का पूरा फोकस अब ‘महिला आरक्षण कानून’ को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने पर है। इसके लिए लोकसभा की मौजूदा सीटों की संख्या को 543 से बढ़ाकर 816 करने की तैयारी है। इसी से जुड़े बिल और अन्य जरूरी संविधान संशोधनों को पास कराने के लिए संसद को दोबारा बुलाया जा रहा है। यह सत्र 16 अप्रैल से लेकर 18 अप्रैल तक चलेगा। गुरुवार को जब सदन की कार्यवाही चल रही थी, तब राज्यसभा के उप.सभापति हरिवंश ने सदन को 16 अप्रैल तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की। पहले के तय कार्यक्रम के मुताबिक, 28 जनवरी से शुरू हुआ बजट सत्र आज यानी 2 अप्रैल को ही समाप्त होने वाला था। लेकिन सरकार के एजेंडे में कुछ बड़ा और जरूरी काम बाकी है, जिसके चलते इस शेड्यूल को बदला गया है।

गौरतलब है कि वर्ष 2023 में संसद ने भारी बहुमत से महिला आरक्षण बिल को पास किया था। लेकिन उस कानून में एक पेंच फंसा था। नियम के मुताबिक, देश में अगली जनगणना और परिसीमन के बाद ही महिला आरक्षण लागू हो सकता था। इस प्रक्रिया में लंबा वक्त लग सकता है और मुमकिन था कि 2029 के लोकसभा चुनाव तक भी यह लागू न हो पाए। अब सरकार इसी अड़चन को दूर करना चाहती है।
इस बजट विशेष सत्र में अगर यह बिल आता है, तो भारतीय संसद में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। चर्चा है कि इस संशोधन के जरिए लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 816 किया जा सकता है। यानी सीटों की संख्या में सीधे 50 फीसदी की बढ़ोतरी। अगर ऐसा होता है, तो बढ़ी हुई सीटों में से एक-तिहाई यानी लगभग 273 सीटें सीधे महिलाओं के लिए रिजर्व हो जाएंगी।