नई दिल्ली (युग करवट)। संसद में लंबे गतिरोध के बाद आज लोकसभा में राहुल गांधी ने बजट 2026 पर चर्चा में भाग लिया। राहुल ने भाषण की शुरुआत में मार्शल आर्ट्स का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिजित्सु में ग्रिप दिखती है, राजनीति में नहीं दिखती। हम ऐसी दुनिया में रह रहे हैं, जहां ऊर्जा और वित्त को हथियार बना लिया गया है। राहुल गांधी ने कहा कि हम स्थिरता वाली दुनिया से अस्थिरता वाली दुनिया में जा रहे हैं। प्रधानमंत्री और एनएसए ने कुछ समय पहले चौंकाने वाले रूप से कहा था कि युद्ध का समय अब खत्म हो चुका था। लेकिन यूक्रेन में संघर्ष जारी है, ईरान में संघर्ष हो रहा है। यानी हम स्थिरता से अस्थिरता की तरफ जा रहे हैं। राहुल ने कहा कि देश की 140 करोड़ जनता के सामने आज चुनौतियां काफी अलग हैं। राहुल गांधी ने अमेरिका संग हालिया व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बजट के समानांतर कुछ और भी हुआ है। अमेरिका और चीन के बीच संघर्ष में सिर्फ भारत का डाटा ही एक अंतर बना है। अगर अमेरिकियों को सुपरपावर बने रहना है और अपने डॉलर को बचाना है तो उसके लिए सबसे अहम चीज हमारा डाटा है। राहुल ने कहा कि चौंकाने वाली बात यह है कि अमेरिका से समझौते में अगर हम ट्रंप से बात करते तो हम कहते- राष्ट्रपति ट्रंप इस पूरी बातचीत में सबसे अहम बात है भारत का डाटा। राहुल गांधी ने आगे कहा कि हमारी ताकतवर टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर 18 फीसदी टैरिफ लग रहा है। अगर बांग्लादेश अमेरिका से कॉटन इंपोर्ट करता है तो उस पर शून्य टैरिफ लगेगा। यानी हमारे कपड़ा उद्योग तो गया। अब अमेरिका फैसला करता है कि हम किससे तेल खरीदेंगे। रूस और ईरान किससे खरीदेंगे, यह सब फैसले अमेरिका करता है, हमारे प्रधानमंत्री नहीं करते।