दो दर्जन से अधिक अधिकारी, कर्मचारी रडार पर
प्रमुख अपराध संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। फर्जी पतों पर पासपोर्ट बनवाने वाले प्रकरण में आठ उपनिरीक्षकों व एक मुंशी दीपक कुमार पर डीसीपी रूरल सुरेंद्रनाथ तिवारी की गाज गिर गई। प्राथमिक जांच में इनकी प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष संंलिप्ता पाये जाने पर श्री तिवारी ने आठ उपनिरीक्षकों एवं एक मुख्य आरक्षी दीपक कुमार को तत्काल प्रभाव से लाइन्स रवाना करके उनके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी। जिन उपनिरीक्षकों को लाइन्स भेजा है उनके नाम फरीदनगर चौकी प्रभारी फरीदनगर रूस्तम सिंह, चौकी प्रभारी अतरौली हाल हल्का प्रभारी प्रशांत ससरवाल, चौकी प्रभारी चुडियाला मनोज कुमार, उपनिरीक्षक रामकुमार, महेंद्र सिंह, विकास सैनी, अंकित कुमार व आदित्य गौतम हैं। सूत्रों की माने तो कमिश्नरेट पुलिस अब उन दो दर्जन भर लोगों के पीछे पड़ गई है कि जो इस फर्जीवाड़े पर शामिल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के पुलिस की कई टीम गठित की गई है। बता दें कि युग करवट ने इस फर्जीवाड़े के खुलासे के समय ही अपनी खबर में यह उल्लेखित कर दिया था कि इस प्रकरण में जहां कई पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरेगी वहीं पासपोर्ट कार्यालय में तैनात कई अधिकारी व कर्मचारीगण भी नप सकते हैं। युग करवट की खबर उस समय पूरी तरह से सत्य हो गई कि जब न्यूज लिखने के कुछ घंटे बाद ही डीसीपी रूरन ने आठ दरोगाओं व एक मुंशी व आठ दरोगाओं को लाइन हाजिर कर दिया।
एसओ भोजपुर भी लाइन हाजिर
गाजियाबाद (युग करवट)। फर्जी पते व नाम से दर्जनों पासपोर्ट बनवाने के प्रकरण के खुलासे के बाद पुलिस आयुक्त जे रविंदर गौड ने कार्रवाई करते हुए एसओ भोजपुर सचिन बालियान को भी तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। सूत्रों का कहना है कि इस प्रकरण में लाइन हाजिर हुए थानाध्यक्ष भोजपुर को विभागीय जांच का सामना करना पड़ेगा।